जबलपुर, अनुराग शुक्ला । धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान रखने वाली संस्कारधानी जबलपुर में मां नर्मदा के पवित्र घाटों पर देर रात होने वाली कथित आपत्तिजनक गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का आरोप है कि कुछ युवक-युवतियां देर रात घाटों पर पहुंचकर ऐसी हरकतें करते हैं, जिससे न केवल घाटों की मर्यादा प्रभावित हो रही है, बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार, इस विषय को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पूर्व में प्रशासन और पुलिस को चेतावनी देते हुए घाटों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की थी। इसके बावजूद देर रात होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। इससे पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मां नर्मदा के घाट केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। ऐसे पवित्र स्थलों पर अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लोगों ने घाटों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने तथा असामाजिक गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो घाटों की पवित्रता और गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। देखना होगा कि मां नर्मदा के पवित्र घाटों की मर्यादा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार विभाग कितनी गंभीरता से कदम उठाते हैं।

