भोपाल | मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, विदिशा सांसद और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान की पहचान का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। साधना सिंह के नाम से संचालित एक फर्जी (फेक) फेसबुक पेज के जरिए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ लगातार विवादित टिप्पणियां की जा रही थीं। मामला केंद्रीय मंत्री के परिवार से जुड़े होने के कारण शिकायत मिलते ही पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
इलेक्टोरल बॉन्ड और धर्मगुरुओं के नाम पर की जा रही थीं विवादित टिप्पणियां
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, इस फर्जी फेसबुक पेज के जरिए जानबूझकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा था।
शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप:
"उक्त फेसबुक पेज पर केंद्र और राज्य सरकार विरोधी नारे पोस्ट किए जा रहे थे। इसके अलावा इलेक्टोरल बॉन्ड, कथित भ्रष्टाचार और कुछ सम्मानित धर्मगुरुओं के नाम पर भी अत्यंत निराधार, भड़काऊ और विवादित टिप्पणियां की जा रही थीं। इसका मुख्य उद्देश्य साधना सिंह चौहान की सार्वजनिक छवि को धूमिल करना और आम जनता के बीच भारी भ्रम की स्थिति पैदा करना था।"
- पुलिस प्राथमिकी के अनुसार
मिसरोद के रंजीत सिंह ने दर्ज कराई शिकायत, इन लोगों पर लगा आरोप
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मिसरोद की श्रीराम कॉलोनी के निवासी 37 वर्षीय रंजीत सिंह चौहान ने इस फर्जीवाड़े को सोशल मीडिया पर देखा और इसकी लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी। रंजीत सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि साधना सिंह चौहान के नाम का जानबूझकर डिजिटल दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने इस भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्टों को सोशल मीडिया पर आगे बढ़ाने (शेयर करने) के लिए दीपक खरते और रविंद्र दांगी नामक व्यक्तियों को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की कोशिश; सामाजिक-राजनैतिक गलियारों में आक्रोश
उल्लेखनीय है कि साधना सिंह चौहान न केवल देश के कद्दावर नेता की पत्नी हैं, बल्कि वे स्वयं भी सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वर्तमान में वे किरार समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनके नाम से इस तरह की अशोभनीय पोस्ट सामने आने से राजनैतिक और सामाजिक हलकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। जानकारों का मानना है कि यह कृत्य सोची-समझी रणनीति के तहत एक व्यक्ति विशेष के सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए किया गया है।
साइबर क्राइम ने बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
शिकायत की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रारंभिक तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) और 356 के अंतर्गत आरोपी दीपक खार्ते व अन्य के खिलाफ नामजद आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। साइबर विशेषज्ञों की टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि इस फर्जी पेज को किस इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) एड्रेस और मोबाइल नंबर के जरिए बनाया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्ट के मुख्य स्रोत (सोर्स) की पहचान की जा रही है और इस डिजिटल साजिश में शामिल सभी चेहरों को जल्द ही बेनकाब कर गिरफ्तार किया जाएगा।


