अमरावती। आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में मंगलवार को एक कृषि अधिकारी की हत्या के मुख्य आरोपी ने अपने परिवार के साथ आत्महत्या कर ली। इस संबंध में पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी।कुडुमुला हरिकृष्ण, उनकी पत्नी और उनके दो बच्चों ने सिंगरायकोंडा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के सामने कूदकर जान दे दी। पुलिस को पटरी पर दंपति और उनके छोटे बच्चों के शव मिले और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया।
हरिकृष्ण श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर जिले के गुडूर मंडल के थोटापल्ली आरवी कंड्रिका गांव के रहने वाले थे। उनकी पहचान उस जगह से मिले आधार कार्ड के आधार पर की गई, जहां उनके शव मिले थे।
शुरुआत में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ना) माना गया था, लेकिन बाद की जांच से पता चला कि श्रीहरि की हत्या हरिकृष्ण ने की थी, जिसने कथित तौर पर कुत्तों को मारने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घातक इंजेक्शन का इस्तेमाल किया था। यह हत्या पारिवारिक संपत्ति और उस कर्ज की रकम से जुड़ी थी जो श्रीहरि ने आरोपी को दिया था।
पुलिस ने जांच तब शुरू की जब श्रीहरि की पत्नी लावण्या ने 6 जुलाई को पब्लिक ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (पीजीआरएस) में शिकायत दर्ज कराई कि उनके शव पर चोट के निशान थे, लेकिन बुचिरेड्डीपालेम पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर ने न तो कोई मामला दर्ज किया और न ही संदिग्धों से पूछताछ की।
पुलिस अधीक्षक अनीता वेजेंडला ने जांच के आदेश दिए, जिससे पता चला कि श्रीहरि की हत्या हुई थी। जांच में पुष्टि हुई कि श्रीहरि की हत्या उनके अपने जीजा हरिकृष्ण ने की थी। हत्या में उसकी मदद करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जैसे ही पुलिस ने मामले की जांच तेज की, हरिकृष्ण फरार हो गया। खबरों के अनुसार, उसने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कुछ लोग जानबूझकर उसके खिलाफ झूठे आरोप फैला रहे हैं।
इस बीच नेल्लोर जिले के एसपी ने सोमवार को जांच में कथित लापरवाही के कारण पुलिस स्टेशन में तैनात सभी 23 पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश दिया। सर्कल इंस्पेक्टर मतांगी श्रीनिवास राव को रिजर्व यूनिट में भेज दिया गया।




