मुंबई। शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनी एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में आय और मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव हो गया है, जो उसके प्रस्तावित 1,000 करोड़ रुपए के आईपीओ से पहले निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। कंपनी द्वारा दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में यह जानकारी सामने आई है।डीआरएचपी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में एनारॉक का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) बढ़कर 93.22 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 60.78 करोड़ रुपए था। वहीं, परिचालन से राजस्व (रेवेन्यू) 33.83 प्रतिशत बढ़कर 881.90 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले 658.95 करोड़ रुपए था।
पिछले तीन वर्षों के दौरान कंपनी की आय और मुनाफे में लगातार वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का राजस्व 509.23 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 44.94 करोड़ रुपए था। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी ने अपने कारोबारी विस्तार और सेवाओं की विविधता के दम पर लगातार विकास दर्ज किया है।
हालांकि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद कंपनी के ऑपरेटिंग कैश फ्लो में उल्लेखनीय गिरावट आई। वित्त वर्ष 2025-26 में यह 12.07 करोड़ रुपए का आउटफ्लो रहा, जबकि एक वर्ष पहले कंपनी ने परिचालन गतिविधियों से लगभग 93 करोड़ रुपए का सकारात्मक नकदी प्रवाह दर्ज किया था।
डीआरएचपी के मुताबिक, इसका प्रमुख कारण ट्रेड रिसीवेबल्स में तेज वृद्धि रही। कंपनी के ग्राहकों से मिलने वाली बकाया राशि बढ़कर 464.21 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले वर्ष लगभग 316 करोड़ रुपए थी।
ट्रेड रिसीवेबल्स उन भुगतानों को दर्शाती हैं, जो कंपनी द्वारा सेवाएं प्रदान करने और राजस्व दर्ज करने के बावजूद ग्राहकों से अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। एनारॉक का कहना है कि यह बढ़ोतरी आंशिक रूप से राजस्व में वृद्धि और बिलिंग तथा राजस्व मान्यता के समय के कारण हुई है, विशेष रूप से वित्त वर्ष के अंत में बुक किए गए कारोबार के चलते।
यह कैश फ्लो स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब कंपनी पूंजी बाजार में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है और साथ ही अधिग्रहणों के जरिए विस्तार भी कर रही है।
27 सितंबर 2026 को एनारॉक ने आर्किटेक्चर और डिजाइन क्षेत्र की कंपनी डीएसपी डिजाइन एसोसिएट्स में 53.68 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी। यह सौदा 64.01 करोड़ रुपए में हुआ, जिसमें नई पूंजी निवेश और मौजूदा शेयरधारकों से शेयर खरीद, दोनों शामिल थे। इस अधिग्रहण के महज तीन दिन बाद कंपनी ने अपने आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए।
एनारॉक की स्थापना अनुज पुरी ने वर्ष 2017 में जेएलएल इंडिया से अलग होने के बाद की थी। शुरुआत में कंपनी आवासीय संपत्ति परामर्श सेवाओं तक सीमित थी, लेकिन अब यह एक व्यापक रियल एस्टेट सेवा मंच के रूप में विकसित हो चुकी है।
वर्तमान में कंपनी ट्रांजैक्शन एडवाइजरी, कमर्शियल लीजिंग, निवेश परामर्श, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग सेवाएं, तकनीक-आधारित रियल एस्टेट समाधान, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, इंडस्ट्रियल, लॉजिस्टिक्स, भूमि और वैल्यूएशन एडवाइजरी जैसे कई क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करती है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 2,192 स्थायी कर्मचारी थे और उसका परिचालन भारत के 15 शहरों के अलावा मध्य पूर्व में भी मौजूद है।











