अमरावती। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को ओमान के तट के पास भारतीयों को ले जा रहे एक जहाज पर हुए हमले में विशाखापत्तनम के मरीन इंजीनियर सुरेश पटनाला की मौत पर दुख जताया।बुधवार को एक जहाज पर हुए हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों में से एक चीफ इंजीनियर सुरेश भी थे।
ओमान तट के पास रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर 'एमटी सेटेबेलो' पर हमला किया गया था। इस घटना के बाद शुरू में लापता बताए गए तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है।
हमले में जान गंवाने वाले अन्य दो भारतीय डेक कैडेट आदित्य शर्मा (हिमाचल प्रदेश) और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया (उत्तर प्रदेश) हैं। यह हमला अमेरिकी सेना ने तब किया था जब जहाज ने कथित तौर पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश की थी।
इस दुखद घटना से सुरेश का परिवार गहरे सदमे में है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि इस घटना में तीन भारतीयों की मौत दुखद है। जान गंवाने वाले में आंध्र प्रदेश के सुरेश पटनाला का भी शामिल होना बहुत दुख की बात है। एक मरीन इंजीनियर की असमय मौत वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है और सुरेश के परिवार के दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
वाईएस जगन ने मृतक सुरेश पटनाला के परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर उन्हें इस भारी दुख को सहने की शक्ति दे और उम्मीद जताई कि सुरेश पटनाला की आत्मा को शांति मिले।
इस बीच, पूर्व सांसद वी विजयसाई रेड्डी ने भी शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि 3 भारतीय नाविकों की जान एक ऐसे संघर्ष में चली गई जो हमारा था ही नहीं। ग्लोबल मैरीटाइम इंडस्ट्री में 3 लाख से ज्यादा भारतीय काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है।
उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की कि वे युद्धरत देशों से संपर्क करें और ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में काम कर रहे भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।




