कोलकाता। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर कोलकाता के दौरे पर हैं। पश्चिम बंगाल में बड़े ही धूमधाम के साथ दुर्गापूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस मौके पर अमेरिकी राजदूत ने कोलकाता में दुर्गापूजा पंडाल का भी दौरा किया और तस्वीरें साझा कर सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी।सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, "कोलकाता में वापस आकर बहुत अच्छा लगा। कुछ खूबसूरत पंडालों का दौरा किया और अद्भुत रचनात्मकता, सामुदायिक भावना और गर्मजोशी को खुद महसूस किया। मैं समझ सकता हूं कि यह उत्सव इतना खास क्यों है। दुर्गा पूजा मना रहे सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं।"

इसके अलावा, सर्जियो गोर ने कहा, "अमेरिका और भारत के संबंध अत्यंत मधुर हैं और दोनों देशों के बीच कई मोर्चों पर कार्य चल रहा है। कोई भी क्षेत्र देख लीजिए, हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र की बात करें तो केवल पिछले दो सप्ताह में ही हमने तरंग शक्ति अभ्यास में 500 से अधिक जवानों के साथ सैन्य अभ्यास किया और पहली बार राजस्थान में एफ-35 लड़ाकू विमानों की मौजूदगी रही। सूचना प्रौद्योगिकी के विकास में भी दोनों ओर उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।"

अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने और स्थायी अमेरिका-भारत साझेदारी का सम्मान करते हुए कोलकाता स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास के फ्रीडम 250 समारोह में गणमान्य व्यक्ति मंच पर आए।

इस दौरान अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि आप सभी के साथ अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाने के लिए कोलकाता लौटना मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। इस ऐतिहासिक पड़ाव को इसी अत्यंत सुंदर नगर में मनाना विशेष रूप से सार्थक है। जहां एक ओर संयुक्त राज्य अमेरिका एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 250 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मना रहा है, वहीं कोलकाता में अमेरिका की राजनयिक उपस्थिति 232 वर्ष पुरानी है। यह एक ऐसी कहानी है जो दो शताब्दियों से भी अधिक पुरानी है।

इसके अलावा कोलकाता में अमेरिका की महावाणिज्य दूत कैथी जाइल्स-डियाज ने कहा, "सबसे पहले मैं पत्तन प्राधिकरण के अपने साथियों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहती हूं, जिन्होंने आज रात हावड़ा ब्रिज को लाल, सफेद और नीले रंग में रोशन किया है। मुझे उम्मीद है कि आप में से कुछ ने यहां आते समय इसे देखा होगा और यदि नहीं देखा तो कृपया हावड़ा ब्रिज को जरूर देखें। आज रात यह बिल्कुल शानदार लग रहा है।"

उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण पड़ाव का उत्सव कोलकाता में मनाना अत्यंत उपयुक्त है, क्योंकि यह ऐसा नगर है जिसने अपनी दृढ़ पहचान को बनाए रखते हुए स्वयं को निरंतर नया रूप दिया है। यह विशेषता इस समय, दुर्गा पूजा के अवसर पर विशेष रूप से देखने को मिलती है।