वॉशिंगटन। अमेरिका में होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से एक महीने से भी कम समय बचा है। न्याय विभाग ने चुनाव से जुड़े मामलों में तीन पाकिस्तानी नागरिकों समेत 16 लोगों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की है। इन मामलों में अवैध मतदान, फर्जी मतदाता पंजीकरण, अमेरिकी नागरिक होने का झूठा दावा करने और चुनाव संबंधी अन्य उल्लंघनों के आरोप शामिल हैं। ये मामले कई राज्यों से जुड़े हैं। पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान जमील अहमद (50), निघत जमील (47) और अरशद जुबेरी (69) के रूप में हुई है।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अहमद और निघत जमील पर पेंसिल्वेनिया के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट में 2024 के चुनाव में मतदान करने का आरोप लगाया गया है, जबकि वे अमेरिकी नागरिक नहीं थे।

बताया गया है कि मतदान के समय दोनों के पास स्थायी निवासी (लॉफुल परमानेंट रेजिडेंट) का दर्जा था।

वहीं अरशद जुबेरी, जो स्थायी निवासी हैं, पर ओहायो के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट में संघीय चुनाव में अवैध रूप से मतदान करने का आरोप लगाया गया है।

संघीय अभियोजकों का आरोप है कि जुबेरी ने सितंबर 2015 और अगस्त 2016 में मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया था और इस दौरान उन्होंने दस्तावेजों में स्वयं को अमेरिकी नागरिक बताया था।

न्याय विभाग ने कहा कि ओहायो के क्यूयाहोगा काउंटी बोर्ड ऑफ इलेक्शंस के रिकॉर्ड के अनुसार, जुबेरी ने कम से कम छह चुनावों में मतदान किया था।

तीनों पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े आरोप उन 16 चुनावी मामलों का हिस्सा हैं, जिनकी जानकारी संघीय अधिकारियों ने दी है।

न्याय विभाग के अनुसार, इन मामलों में गैर नागरिकों द्वारा संघीय चुनावों में मतदान, एक से अधिक बार मतदान करना, मृत व्यक्तियों के नाम पर वोट डालना और गलत तरीके से नागरिकता हासिल करना जैसे आरोप शामिल हैं।

न्यू मैक्सिको में पैट्रिक पेरेआ (62) पर नवंबर 2024 के आम चुनाव में फर्जी मतदान का आरोप लगाया गया है।

अलबामा में पेरू और जमैका के दो स्थायी निवासियों पर अमेरिकी नागरिक न होने के बावजूद मतदान करने के आरोप लगाए गए हैं।

एक अन्य आरोपी फॉरेस्ट स्कॉट वुडी (68), जो नॉर्थ कैरोलिना का निवासी है, पर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में दो बार मतदान करने का आरोप है। आरोप के अनुसार उसने एक बार नॉर्थ कैरोलिना और दूसरी बार अलाबामा में वोट डाला।

मिसौरी में क्यूबा के नागरिक आंद्रेस गार्सिया (64) (जो एक स्थायी निवासी हैं) पर 2022 और 2024 के संघीय चुनावों में अवैध रूप से मतदान करने के दो आरोप लगाए गए हैं।

अभियोजकों का कहना है कि गार्सिया ने मतदाता पंजीकरण के समय झूठा दावा किया था कि वह अमेरिकी नागरिक हैं और उन्होंने लगभग दो दशकों के दौरान कई चुनावों में हिस्सा लिया। न्याय विभाग की घोषणा में कनाडा, ब्रिटेन, पुर्तगाल, पोलैंड और फिलीपींस के नागरिकों से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है।

आयडहो में कनाडाई नागरिक स्टेनली वाल्टन (82) पर 2022 के आम चुनाव में अवैध मतदान का आरोप लगाया गया है। केंटकी में कनाडा की स्थायी निवासी सैंड्रा मेडेलीन वॉटसन (59) पर भी संघीय चुनाव में अवैध रूप से मतदान करने का आरोप है।

वहीं न्यू जर्सी में लिजाबेथ अलमोंटे रोसा (24), जो मूल रूप से डोमिनिकन गणराज्य की रहने वाली हैं और बाद में अमेरिकी नागरिक बनीं, पर अमेरिकी नागरिक न रहते हुए मतदान करने और गलत तरीके से नागरिकता प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है।