अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद शहर में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 का आयोजन हो रहा है। 5 से 9 सितंबर तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 19 देशों के 108 एथलीट भाग ले रहे हैं। भारत के लिए पेरिस पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीत चुके तीरंदाज हरविंदर सिंह का कहना है कि टूर्नामेंट के वेन्यू का स्तर ओलंपिक जैसा है और वह अपनी सरजमीं पर भारतीय दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं। हरविंदर ने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए कहा, "देखिए, भारत में पहली बार पैरा-आर्चरी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। हम भी बहुत उत्साहित हैं और इंडियन आर्चरी फेडरेशन ने यहां जो भी इंतजाम किए हैं, वे तारीफ के काबिल हैं। हम इस बात को लेकर बहुत उत्साहित हैं कि हमें अपनी ही जमीन पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और अपने दर्शकों के सामने प्रदर्शन करने का मौका मिल रहा है। यह हमारे लिए एक नया मौका है और मुझे उम्मीद है कि दर्शकों से हमें पूरा सपोर्ट मिलेगा।"

पैरा तीरंदाज ने कहा, "अगर हम सुविधाओं और लगातार हो रहे विकास की बात करें, तो आने वाले वर्षों में अहमदाबाद एक स्पोर्ट्स हब बनने जा रहा है। चूंकि हम कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करने की तैयारी कर रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इस तरह के मुकाबले अहमदाबाद के साथ-साथ दूसरी जगहों पर भी आयोजित होते रहेंगे। निश्चित रूप से इन मुकाबलों के आयोजन से हमारा बुनियादी ढांचा भी बेहतर होगा।"

हरविंदर ने कहा कि उन्हें और बाकी तीरंदाजों को सरकार की तरफ से पूरा सपोर्ट मिल रहा है। उन्होंने कहा, "हमें सरकार से बहुत प्रोत्साहन और समर्थन मिल रहा है, खासकर पिछले कुछ वर्षों से जब से हमें टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम में शामिल किया गया है। खिलाड़ियों को लगातार पॉकेट अलाउंस और उपकरण दिए जा रहे हैं और इन सबका प्रबंधन और वितरण किया जा रहा है। अगर हम देखें, तो खासकर साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सेंटर्स में सुविधाएं बढ़ी हैं। सोनीपत में हमारा एक साई सेंटर विकसित किया गया है, और अब गांधीनगर में एक और सेंटर विकसित करने की बात चल रही है। इसलिए, खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "इसी वजह से अगर हम देखें, तो जब 2017 में पैरा-आर्चरी टीम ने पहली बार भारत का प्रतिनिधित्व किया था और आज की तुलना करें तो शायद ही कोई ऐसा साल या प्रतियोगिता (हम साल में लगभग चार प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं) रही हो जिसमें खिलाड़ियों ने कोई पदक न जीता हो। अब तो दोहरे अंकों में भी पदक आने लगे हैं। मुझे उम्मीद है कि अगर हमें इसी तरह का समर्थन मिलता रहा, तो हम देश के लिए और भी अधिक पदक जीतते रहेंगे।"

वेन्यू और व्यवस्था की तारीफ करते हुए हरविंदर ने कहा, "अमित शाह ने खुद अपने भाषण में कहा था कि यह मेरा संसदीय क्षेत्र है, जहां उद्घाटन समारोह हुआ है और यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसी वजह से हम भी खासतौर पर उत्साहित हैं कि यह प्रतियोगिता यहां हो रही है और यहां इतनी अच्छी सुविधाएं और इतना अच्छा सेटअप तैयार किया गया है, चाहे वह डाइनिंग एरिया हो या यह मैदान। मैंने दो बार पैरालंपिक्स में हिस्सा लिया है, इसलिए निश्चित रूप से यहां उसी स्तर का वेन्यू तैयार किया गया है, जैसा टोक्यो या पेरिस ओलंपिक में होता है। मैं इसके लिए आयोजकों को बधाई देना चाहता हूं।"

भारतीय तीरंदाज श्याम सुंदर स्वामी ने कहा, "देखिए, अहमदाबाद में अभी जो वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज हो रही है, जब मैं यहां आया तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं एशियन गेम्स में पहुंच गया हूं। इसका कारण यहां का माहौल और मैदान बहुत बढ़िया है, इसने मुझे 2024 पेरिस ओलंपिक और 2021 टोक्यो ओलंपिक की याद दिला दी, क्योंकि हमें यहां बहुत अच्छा मैदान मिला है।"