अजयगढ़, मोहम्मद मुस्तकीम। मझगायें बांध परियोजना में मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर आदिवासियों का आंदोलन छठवें दिन भी जारी रहा। समाजसेवी अमित भटनागर के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे लोगों से जिला और तहसील प्रशासन के अधिकारियों का दल बातचीत के लिए पहुंचा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिंदा चिताओं पर लेटकर विरोध जताया।
बनहरी कला निवासी रमिया आदिवासी की मौत के बाद आंदोलन ने तूल पकड़ लिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मुआवजा और पुनर्वास राशि से जुड़ी समस्याओं के कारण रमिया मानसिक तनाव में थीं। उनकी मौत के बाद विपक्ष और प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर सवाल उठाए। वहीं, अजयगढ़ एसडीएम की ओर से जारी पत्र में रमिया की मौत बीमारी से होना और उन्हें तथा उनके परिवार को पूरा मुआवजा मिलना बताया गया।
समाजसेवी अमित भटनागर और रमिया के नाती का दावा है कि परिवार को करीब 75 लाख रुपये की मुआवजा राशि अभी मिलना बाकी है। उनके अनुसार रमिया का पुनर्वास पैकेज, मकान की राशि और उनके बड़े बेटे से संबंधित भुगतान भी लंबित है। इस संबंध में रमिया का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह अपनी परेशानी और चिंता के बारे में स्वयं बात करती दिखाई दे रही थीं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं के कारण हितग्राहियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मुआवजा वितरण में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक पारदर्शी तरीके से बातचीत कर सभी लंबित मामलों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।




