तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट का प्रशासन और इस जलमार्ग में नौवहन मार्ग पहले जैसे नहीं रहेंगे। ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए की तरफ से यह जानकारी साझा की गई।न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अराघची ने राजधानी तेहरान में एक समारोह के दौरान इस बात पर जोर दिया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में "मौलिक और रणनीतिक" बदलाव हुए हैं।
उन्होंने कहा, "हमें स्वीकार करना होगा कि नई वास्तविकताएं सामने आई हैं। होर्मुज स्ट्रेट में मार्ग पहले जैसा नहीं रहेगा और स्ट्रेट का प्रबंधन भी पहले जैसा नहीं रहेगा। ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर हमने चर्चा की है और यह बातचीत जारी रहेगी।"
ईरानी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा क्षेत्रीय देशों द्वारा सुनिश्चित की जानी चाहिए और इसके लिए विदेशी बलों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, जो अपने हितों की रक्षा और इजरायल की सुरक्षा के उद्देश्य से क्षेत्र में आए हैं। उनकी निरंतर उपस्थिति से पूरे क्षेत्र में असुरक्षा ही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ईरान सभी क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग के लिए तैयार है।
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने ईरानी लोगों के अधिकारों को आगे बढ़ाने और अमेरिका-इजरायल के हमलों के दौरान देश को हुए नुकसान के लिए मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए गंभीर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
शनिवार को मोजतबा खामेनेई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान के अनुसार, सर्वोच्च नेता और देश के न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई के बीच हुई बैठक में इन मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिन प्रमुख मुद्दों पर जोर दिया गया, उनमें न्याय को बढ़ावा देना, जनता के अधिकारों की रक्षा करना, भ्रष्टाचार और उसके मूल कारणों के खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़ना, न्यायिक मामलों का त्वरित, सटीक और निर्णायक निपटारा करना, न्यायिक फैसलों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करना और देश की न्यायिक व्यवस्था में व्यापक और ठोस बदलाव लाना शामिल था।
अन्य मुद्दों में अपराधों के खिलाफ निर्णायक रूप से लड़ने के लिए योजनाएं तैयार करने और प्रयास करने की आवश्यकता के साथ-साथ ईरानी जनता के अधिकारों की बहाली और अमेरिका-इजरायल के अपराधियों द्वारा किए गए कथित अपराधों के परिणामस्वरूप हुए भौतिक और अभौतिक नुकसान के मुआवजे को गंभीरता से आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।















