जबलपुर, अनुराग शुक्ला। राष्ट्र सेविका समिति के स्थापना के 90 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को जबलपुर में नारीशक्ति, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। समिति के नर्मदा भाग द्वारा ‘अभ्युदय पथ संचलन’ और कृषि भाग द्वारा ‘राष्ट्रोदय पथ संचलन’ का आयोजन किया गया। दोनों आयोजनों में बालिकाओं से लेकर वरिष्ठ सेविकाओं ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित कदमताल करते हुए राष्ट्रसेवा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। शहर के प्रमुख मार्गों पर नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर संचलन का स्वागत किया।
अंजुमन इस्लामिया स्कूल और अधारताल से निकले दो भव्य संचलन
नर्मदा भाग का ‘अभ्युदय’ संचलन मालवीय चौक स्थित अंजुमन इस्लामिया स्कूल परिसर से शुरू हुआ, जहाँ मुख्य अतिथि स्वप्ना गुप्ता और मुख्य वक्ता करुणा क्षत्रिय की उपस्थिति रही। इसी क्रम में कृषि भाग का ‘राष्ट्रोदय पथ संचलन’ अधारताल स्थित धनी की कुटिया मैरिज गार्डन से निकाला गया। इस संचलन के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. सखी वैश्य, विशिष्ट अतिथि राजेश्वरी कौरव और मुख्य वक्ता मनीषा चौहान ने मंच साझा किया।
वंदनीय मौसी जी लक्ष्मीबाई केलकर के योगदान का स्मरण और परिवर्तन का संदेश
समारोह में वक्ताओं ने राष्ट्र सेविका समिति की 90 वर्षों की यात्रा और आद्य संचालिका वंदनीय मौसी जी लक्ष्मीबाई केलकर के योगदान को याद किया। मुख्य वक्ता मनीषा चौहान ने ‘प्रभाव से परिवर्तन की ओर’ विचार रखते हुए कहा कि व्यक्ति के भीतर आया सकारात्मक बदलाव ही परिवार, समाज और अंततः राष्ट्र के निर्माण का आधार बनता है।
महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के संस्कार जगाने का प्रयास
इस आयोजन का मुख्य ध्येय महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के संस्कार सिंचित करना था। दोनों संचलनों के माध्यम से समिति ने समाज को यह संदेश दिया कि संगठित नारीशक्ति ही सशक्त और समर्थ भारत की रीढ़ है।













