बीजिंग। ‘आतंकवाद की नई चुनौतियों का सामना: राष्ट्रीय जिम्मेदारी को मजबूत करना, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को एकजुट करना’ विषय पर 2026 की आतंकवाद विरोधी अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी मंगलवार को पश्चिमोत्तर चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के यिली शहर में आयोजित की गई।

इस संगोष्ठी में चीनी विदेश मंत्रालय, शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश, चीनी थिंक टैंकों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, रूस, अफ्रीकी संघ सहित 24 देशों और क्षेत्रीय अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

संगोष्ठी के दौरान चीन ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक आतंकवादी गतिविधियां फिर से बढ़ रही हैं और वैश्विक दक्षिण के देशों पर आतंकवाद का दबाव लगातार बढ़ रहा है। चीन के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल और वैश्विक शासन पहल आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

चीन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को व्यापक उपाय अपनाने, बहुपक्षवाद को बनाए रखने, क्षमता निर्माण को मजबूत करने और अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन का पालन करने की जरूरत है। साथ ही, चीन ने कहा कि वह अपने आतंकवाद विरोधी अनुभवों को साझा करने और सभी पक्षों के साथ मिलकर आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार है।

वहीं, संगोष्ठी में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी स्थिति जटिल और गंभीर बनी हुई है। भू राजनीतिक संघर्ष, आर्थिक असंतुलन, उभरती तकनीकों का गलत इस्तेमाल और आतंकवाद से निपटने की सीमित क्षमताएं आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं।

प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि कुछ देश आतंकवाद की अवधारणा का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रभावित होता है। ऐसे में सभी देशों को आतंकवाद विरोधी जिम्मेदारी निभाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता है।

संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों ने शिनच्यांग में आतंकवाद विरोधी और अतिवाद विरोधी अभियानों पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी के साथ साथ शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ से जुड़ी प्रदर्शनी का भी दौरा किया। विदेशी प्रतिनिधियों ने शिनच्यांग के विकास और उपलब्धियों की सराहना की तथा चीन के साथ आगे सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)