मुंबई। रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 में तेज प्रताप यादव का सफर अचानक खत्म हो गया। जन शक्ति जनता दल के नेशनल प्रेसिडेंट तेज प्रताप को कानूनी मुश्किलों और कोर्ट में चल रहे मामलों की वजह से शो छोड़ना पड़ा। शो से उनकी विदाई भावुक रही। शो से बाहर आने के बाद तेज प्रताप ने आईएएनएस से खास बातचीत की और बताया कि उन्होंने 'राइज एंड फॉल' में हिस्सा लेने का फैसला लोगों के सामने अपना अलग पक्ष रखने और उन तक पॉजिटिव बातें पहुंचाने के लिए किया था। इसके अलावा, उन्होंने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को शो में भेजने की इच्छा जताई। आईएएनएस से खास बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा, ''मैंने खुद को दिखाने और यह पक्का करने के लिए रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' में हिस्सा लिया कि लोगों तक पॉजिटिव चीजें पहुंचें। पॉलिटिक्स एक अलग मामला है। हम जाति आधारित पॉलिटिक्स में शामिल नहीं होते। जो लोग ऐसा करना चाहते हैं, वे करते रहें। हम सबको साथ लेकर चलने में यकीन रखते हैं।'' उन्होंने कहा, ''शो अच्छा चल रहा था और मैंने वहां अपना समय बहुत एन्जॉय किया। शो ने मुझे एक अच्छा प्लेटफॉर्म दिया। मैं कई अच्छे लोगों और सेलिब्रिटीज से मिला। यह दोस्त बनाने का एक नया मौका था और मैंने बहुत अच्छा समय बिताया।'' शो छोड़ने की वजह बताते हुए तेज प्रताप ने कहा, ''कुछ कानूनी दिक्कतों और कोर्ट में चल रहे मामलों के कारण मुझे यह फैसला लेना पड़ा। कई लोग ऐसे शो का हिस्सा बने रहना चाहेंगे, लेकिन मेरे लिए मौजूदा हालात में शो से बाहर होना जरूरी था। शो में बिताए समय से मैं बेहद खुश हूं। मुझे यहां कोई परेशानी नहीं हुई।'' बातचीत के दौरान तेज प्रताप ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ''मैं पॉलिटिकल बैकग्राउंड से आता हूं और बिहार में अपनी पार्टी मैंने खुद शुरू की थी। पार्टी को आगे बढ़ाने और राज्य में अपना संगठन तैयार करने के लिए मैंने अपने स्तर पर काम किया है।'' जब आईएएनएस ने तेज प्रताप से पूछा कि अगर उन्हें मौका मिले तो वह किन नेताओं को रियलिटी शो में देखना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, ''अगर ऐसा कुछ होता है तो मैं अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को शो में देखना चाहूंगा। इन नेताओं समेत दूसरे लोगों को भी साथ लाने के बारे में सोचा जा सकता है। इसके बाद सभी मिलकर तय करेंगे कि आगे क्या करना है।'' इस बीच, शो में तीन वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री ने मुकाबले को नया मोड़ दिया है। ऋषभ जायसवाल पेंटहाउस में शामिल हुए, जबकि जसवंत बोपन्ना और सोनम मलिक ने बेसमेंट में अपनी जगह बनाई। नए कंटेस्टेंट्स के आने से शो में नए समीकरण बनने की उम्मीद है। 'राइज एंड फॉल 2' अमेजन एमएक्स प्लेयर और प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम है।
मुंबई। अभिनेता सत्यजीत पुरी ने सोमवार को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को याद किया। उन्होंने नाना के शानदार अभिनय को याद करते हुए कहा कि लंबे करियर में उन्हें कभी नाना पाटेकर के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका नहीं मिला, जिसका उन्हें हमेशा मलाल रहेगा। अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने नाना पाटेकर के प्रति अपना प्रेम व्यक्त करते हुए कहा, "नाना पाटेकर जी, अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके साथ मुझे कभी काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन वे मुझे अच्छी तरह से जानते थे और अक्सर मुझसे मिलने भी आते थे तो कहते थे कि सत्या तुझे डायलॉग बोलने की जरूरत नहीं है, तू तो अपनी आंखों से ही जादू करता है।" अभिनेता ने कहा कि हम दोनों ही एक-दूसरे का सम्मान करते थे, हालांकि एक-दो बार उनके साथ काम करने की बात चली, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। मैं इतना जरूर कहूंगा कि उनकी याद मुझे हमेशा आती रहेगी।" सत्यजीत पुरी ने कहा, "नाना पाटेकर एक ऐसे महान अभिनेता और कलाकार हैं, जो हमेशा हमारी यादों में रहेंगे। उन्होंने सिनेमा जगत में अपने हिसाब से छवि बनाई थी। हिंदी फिल्मों के हीरो से बिल्कुल विपरीत। इसी के साथ ही वह इंडस्ट्री में अच्छे एक्टर बनकर उभरे। इस तरह के एक्टर बहुत कम देखने को मिलते हैं।" अभिनेता ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, "हमारे दौर के सबसे महान अभिनेताओं में से एक नाना पाटेकर। उन्होंने दमदार अभिनय के दम पर अपना रास्ता खुद बनाया, एक अलग तरह के हीरो बनकर उभरे, जो सिल्वर स्क्रीन पर आते ही जादू बिखेर देता है।" दिग्गज भारतीय अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित अपने आवास पर हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से निधन हो गया है। उन्होंने अपने पांच दशक के लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार और दमदार भूमिकाएं निभाईं। 'परिंदा', 'प्रहार', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी', 'अपहरण', 'अबतक छप्पन' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को बेहद सराहा गया।
मुंबई। एक्टर शरद केलकर एक बार फिर एनिमेटेड सीरीज 'द लीजेंड ऑफ हनुमान' के सीजन- 7 में रावण को अपनी आवाज देते नजर आएंगे। उन्होंने इस सीरीज का हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की है। शरद का कहना है कि भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं में किरदारों की खास जगह है। इन्हें पीढ़ियों से पसंद किया जाता रहा है। सीरीज का नया सीजन 23 अक्टूबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। शरद केलकर ने सीरीज में अपने किरदार और नए सीजन को लेकर कहा, ''मैं 'द लीजेंड ऑफ हनुमान' का हिस्सा बनकर काफी खुश हूं। यह शो हमारी पौराणिक कथाओं की उन कहानियों को जीवंत करता है, जो लंबे समय से हमारी संस्कृति का हिस्सा रही हैं। ऐसी कहानी और किरदार से जुड़ना खास है, जिन्हें कई पीढ़ियों से पसंद किया जाता रहा है।'' उन्होंने कहा, ''सीजन 7 में हनुमान की यात्रा एक नए मोड़ पर पहुंचेगी। इस बार दर्शकों को उनकी दिव्यता और उनके भीतर छिपी अपार शक्ति के ऐसे रूप देखने को मिलेंगे, जिन्हें उन्होंने पहले नहीं देखा होगा। नए सीजन में एक्शन और इमोशन दोनों देखने को मिलेंगे, लेकिन हनुमान की शक्तियों का धीरे-धीरे सामने आना इसे खास बनाएगा।'' मेकर्स ने सोमवार को सोशल मीडिया पर सीजन 7 का ट्रेलर रिलीज किया। इसके साथ कैप्शन में लिखा गया, ''मृत्यु बाण से बजरंगबली लिखेंगे रावण की कहानी का अंत।'' ट्रेलर में इस बार लंका की लड़ाई अपने सबसे मुश्किल दौर में पहुंचती दिखाई देगी। रावण पहले से ज्यादा शक्तिशाली हो चुका है और वानर सेना की उम्मीदें कमजोर पड़ने लगती हैं। ऐसे में हनुमान एक ऐसे अस्त्र की तलाश में निकलते हैं, जो रावण को हमेशा के लिए हराने में मदद कर सके। हनुमान की यह खोज उन्हें युद्ध के मैदान से बहुत दूर और अलग-अलग युगों तक ले जाती है। इस सफर में उन्हें भगवान राम के अतीत से जुड़ी कुछ ऐसी बातें पता चलती हैं, जिन्हें भुला दिया गया था। उनकी यात्रा मृत्यु के लोक तक भी पहुंचती है। इसी दौरान हनुमान को एक ऐसे रहस्य का पता चलता है, जो उन्हें अपनी ही दिव्य शक्तियों को नए तरीके से समझने में मदद करता है। सीरीज के क्रिएटर, राइटर और ग्राफिक इंडिया के को-फाउंडर व सीईओ शरद देवराजन ने भी नए सीजन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 'द लीजेंड ऑफ हनुमान' बनाना उनकी जिंदगी के सबसे खास अनुभवों में से एक रहा है। जियोहॉटस्टार के साथ पार्टनरशिप की वजह से इस दुनिया को आगे बढ़ाने और कहानी की अलग-अलग परतों को दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिला है। ग्राफिक इंडिया के प्रोडक्शन में बनी 'द लीजेंड ऑफ हनुमान' का नया सीजन दशहरा वीक के दौरान 23 अक्टूबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा।
नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गायक हुए, जिनकी आवाज ने लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी, लेकिन किशोर कुमार की बात ही कुछ अलग थी। उनकी आवाज में कभी प्यार की मिठास सुनाई देती थी, तो कभी जुदाई का दर्द दिल को छू जाता था। मस्ती भरे गानों से लेकर जिंदगी की गहरी भावनाओं को बयां करने वाले गीतों तक, किशोर दा ने हर अंदाज में लोगों को अपना दीवाना बनाया। हालांकि, किशोर कुमार सिर्फ अपनी गायकी के लिए ही मशहूर नहीं थे, बल्कि उनका मस्तमौला स्वभाव, बेबाक अंदाज और जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से भी काफी मशहूर थे। मध्य प्रदेश के खंडवा में 4 अगस्त 1929 को जन्मे किशोर कुमार का असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उनके बड़े भाई अशोक कुमार हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता थे। घर में फिल्मी माहौल होने के कारण किशोर कुमार का भी मनोरंजन जगत की तरफ रुझान बढ़ा। उन्होंने साल 1948 में 'जिद्दी' के लिए अपना पहला हिंदी फिल्मी गाना गाया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी आवाज के दम पर संगीत की दुनिया में एक अलग पहचान बना ली। किशोर कुमार की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह हर तरह के गाने को अपने अंदाज में गाते थे। रोमांटिक गीत हों, दर्द भरे नगमे हों या फिर मस्ती से भरपूर गाने, उनकी आवाज हर रंग में ढल जाती थी। 'मेरे सपनों की रानी', 'रूप तेरा मस्ताना', 'ओ मेरे दिल के चैन', 'पल पल दिल के पास', 'जिंदगी एक सफर है सुहाना' और 'आने वाला पल जाने वाला है' जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उन्होंने सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि बंगाली, मराठी, गुजराती, असमिया, कन्नड़, भोजपुरी और दूसरी भाषाओं में भी गाने गाए। उनकी गायकी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दशकों बाद भी उनके गाने नए और पुराने, दोनों तरह के श्रोताओं को पसंद आते हैं। किशोर कुमार अपने अतरंगी अंदाज के लिए भी खूब मशहूर थे। जहां आमतौर पर लोग अपने घर के बाहर 'कुत्तों से सावधान' जैसा बोर्ड लगाते हैं, वहीं किशोर दा ने अपने घर के बाहर 'किशोर कुमार से सावधान' लिखवा रखा था। वह आम लोगों की तरह जिंदगी जीने के बजाय अपने नियमों पर चलना पसंद करते थे। उनकी बेबाकी के किस्से फिल्मी दुनिया में अक्सर चर्चा का विषय बने रहते थे। वह अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटते थे और अपने काम को लेकर भी काफी स्पष्ट रहते थे। किशोर कुमार से जुड़ा एक मजेदार किस्सा फिल्म निर्माता आरसी तलवार से भी जुड़ा है। कहा जाता है कि जब उनके कुछ पैसे बकाया रह गए, तो किशोर दा रोज सुबह निर्माता के घर पहुंच जाते थे। वहां वह जोर-जोर से आवाज लगाते हुए कहते थे, ''हे तलवार, दे दे मेरे आठ हजार।'' किशोर कुमार की जिंदगी का एक चर्चित अध्याय आपातकाल के दौर से जुड़ा है। बताया जाता है कि साल 1975-77 के दौरान सरकार के एक कार्यक्रम के लिए गाने के अनुरोध को उन्होंने स्वीकार नहीं किया था। इसके बाद ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर उनके गानों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी। किशोर कुमार की निजी जिंदगी भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। उन्होंने चार शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता थीं। इसके बाद उन्होंने अभिनेत्री मधुबाला से शादी की। फिर योगिता बाली और लीना चंदावरकर उनकी जीवनसंगिनी बनीं। 13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन उनकी आवाज आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा है। वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अपनी गायकी से लोगों को हंसाया, रुलाया और प्यार करना भी सिखाया।
मुंबई। अभिनेता मोहित मलिक अभिनय में अपनी सक्रियता के साथ परिवार को समय देने से पीछे भी नहीं हटते हैं। अभिनेता ने बताया कि वे और पत्नी आपसी बातचीत के जरिए साथ में आगे बढ़ते हैं। मोहित मलिक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी की एक झलक शेयर करते हुए बताया कि दोनों का हर रात एक कप चाय पर साथ बैठकर अपनी जिंदगी के बारे में बात करने का रिवाज है। उन्होंने लिखा, "हर रात एक कप चाय पर, मैं और अदिति बातें करते हैं। कभी अपने दिन के बारे में, जिंदगी के बारे में, कभी ऐसी बातें जो हमें परेशान कर रही हों, तो कभी उन बातों के बारे में जिन्हें हम ठीक से कह भी नहीं पाते।" मोहित ने कहा कि उनकी बातचीत में अक्सर एक-दूसरे से सवाल करना, असहमत होना, सुनना और दूसरे के नजरिए को समझने की कोशिश करना शामिल होता है। उन्होंने बताया कि सालों बाद उन्हें एहसास हुआ है कि साथ बढ़ने का मतलब हर बात पर एक ही राय होना नहीं है। उन्होंने लिखा, "इन सालों में हमें समझ आया है कि साथ रहने का मतलब एक दूसरे की बातों से सहमत होना नहीं है, बल्कि एक ऐसी जगह बनाना जहां हम दोनों एक-दूसरे को सुन पाए, एक-दूसरे के हो सके। ये छोटा सा रिवाज सालों से हमारी जिंदगी का हिस्सा है और अब हम इसका एक हिस्सा आपके साथ शेयर करना चाहते हैं। इसलिए नहीं कि हमने रिश्तों को समझ लिया है, बल्कि इसलिए क्योंकि हम अभी साथ-साथ इसे समझ रहे हैं। चीनी कितनी चम्मच। बात करते रहें, साथ बढ़ते रहें।" मोहित मलिक और अदिति शिरवाइकर भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री के जाने-माने और सबसे लोकप्रिय कपल्स में से एक हैं। दोनों की मुलाकात टीवी शो 'मिली' के सेट पर हुई थी, जहां दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर प्यार। मोहित ने 1 अप्रैल 2006 को अदिति को प्रपोज किया था और लंबी डेटिंग के बाद 1 दिसंबर 2010 को दोनों शादी के बंधन में बंधे। शादी के करीब 10 साल बाद 27 अप्रैल 2021 को दोनों ने बेटे एकबीर का स्वागत किया।