भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर की गई नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस अब दोहरे मोर्चे पर तफ्तीश कर रही है। एक तरफ जहां वारदात के बाद से फरार नए केयरटेकर वरुण कुमार पर हत्या और लूट का केस दर्ज कर उसकी तलाश में पांच टीमें लगाई गई हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस 1 करोड़ रुपए से अधिक के पुराने वित्तीय विवाद और कोर्ट में होने वाली गवाही के एंगल को भी गहनता से खंगाल रही है। आईएएस अधिकारी रहे राकेश अग्रवाल ने पूर्व में अपने परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ से ज्यादा की ठगी की शिकायत की थी, जिसमें इसी महीने अहम अदालती गवाही होनी थी। गवाही से ठीक पहले हुई इस जघन्य हत्या ने मामले में किसी बड़ी आपराधिक साजिश की आशंका को भी जन्म दे दिया है।


1 करोड़ की ठगी, अक्टूबर 2025 में हुई थी गिरफ्तारी; गवाही से पहले कत्ल

पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब 11 महीने पहले राकेश अग्रवाल ने क्राइम ब्रांच में एक गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके पूर्व परिचित अजीत पाटनी ने एक कंपनी में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग किस्तों में 1 करोड़ रुपए से अधिक की रकम ऐंठ ली थी। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने अक्टूबर 2025 में अजीत पाटनी के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसी महीने राकेश अग्रवाल के मुख्य गवाही के बयान दर्ज होने थे। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि कहीं गवाही रोकने या कोर्ट केस को प्रभावित करने के लिए तो इस हत्याकांड की पटकथा नहीं रची गई, या फिर किसी ने केयरटेकर का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिलवाया है।


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रात 12 से 2 बजे के बीच कत्ल, 2:15 बजे CCTV में पिट्ठू बैग लेकर भागता दिखा केयरटेकर

तकनीकी व फॉरेंसिक साक्ष्यों के अनुसार, हत्या की यह खौफनाक वारदात देर रात 12 बजे से 2 बजे के बीच अंजाम दी गई। वारदात के तुरंत बाद रात करीब 2:15 बजे केयरटेकर वरुण सूरज नगर से भदभदा की ओर जाने वाले रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरे में तेजी से जाता हुआ कैद हुआ है। फुटेज में वह पीठ पर एक पिट्ठू बैग लादे नजर आ रहा है, जिससे आशंका है कि वह घर से नकदी और कीमती जेवरात लूटकर भागा है। रातीबड़ थाना पुलिस ने आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 127(2), 307 और 311 (लूट व डकैती से संबंधित प्रावधानों) के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।


वर्मा होम हेल्थकेयर ने भेजा था वरुण को, एजेंसी के दफ्तर पहुंची पुलिस

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी वरुण को भोपाल के बागसेवनिया (विश्वकर्मा नगर, गणेश मंदिर के पास) स्थित 'वर्मा होम हेल्थकेयर' एजेंसी के जरिए रिटायर्ड आईएएस के घर पर केयरटेकर के रूप में रखवाया गया था। यह एजेंसी बुजुर्गों की देखभाल, होम नर्सिंग और अटेंडेंट की सेवाएं देती है। वारदात के बाद पुलिस टीम ने तत्काल वर्मा हेल्थकेयर के कार्यालय में दबिश देकर वरुण के भर्ती दस्तावेज, आधार कार्ड, पूर्व कार्य अनुभव और स्थानीय पते की फाइलें जब्त कर ली हैं। पुलिस इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि क्या एजेंसी ने वरुण को काम पर रखने से पहले उसका विधिवत पुलिस वेरिफिकेशन कराया था या नियमों की अनदेखी की गई थी।


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कुरवाई-बीना रोड पर मिली अंतिम लोकेशन, पांच टीमें दबिश में जुटीं

फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जोन-1 की 5 विशेष पुलिस टीमें और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी सर्विलांस के आधार पर वरुण के मोबाइल की आखिरी लोकेशन कुरवाई-बीना रोड के आसपास ट्रेस हुई है। पुलिस रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और टोल नाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि वरुण की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी कि यह केवल केयरटेकर द्वारा लूट के इरादे से की गई हत्या है या फिर इसके पीछे 1 करोड़ के पुराने विवाद की कोई सोची-समझी सुपारी किलिंग या साजिश है।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया संज्ञान, डीजीपी को दिए कड़े निर्देश

राजधानी में पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह की हत्या को शासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को पूरे मामले की सीधी और सतत निगरानी करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में जांच के हर स्तर पर पूरी मुस्तैदी बरती जाए और दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए जो नजीर बने।