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क्या भोपाल एम्स बनेगा एआई नेविगेशन वाला पहला अस्पताल?

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PeptechTime
21 फ़रवरी 2026, 09:23 am IST
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भोपाल। एम्स भोपाल अब देश का पहला ऐसा अस्पताल बनने जा रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मरीजों और उनके परिजनों को सही विभाग तक पहुंचने में मदद करेगा। रोजाना 10 हजार से ज्यादा लोग इलाज, जांच और परामर्श के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन एक जैसी दिखने वाली इमारतों और बड़े परिसर के कारण लोग अक्सर भटक जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अब गूगल मैप की तरह मोबाइल पर ही नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


डिप्टी डायरेक्टर डॉ. संदेश जैन के अनुसार, क्यूआर कोड स्कैन करते ही मरीज को यह जानकारी मिल जाएगी कि कार्डियोलॉजी, अमृत फार्मेसी, न्यूरो सर्जरी, पैथोलॉजी, एमआरआई या डॉक्टर का कक्ष किस दिशा में है। एम्स परिसर की इमारतों की अंदरूनी बनावट एक जैसी होने और अलग-अलग ब्लॉक समान दिखने के कारण बार-बार आने वाले लोग भी भ्रमित हो जाते हैं। पहली बार आने वाले मरीजों को ओपीडी, वार्ड या जांच केंद्र ढूंढ़ने में काफी समय लगता है, जिससे तनाव और असुविधा बढ़ती है।


इस चुनौती से निपटने के लिए एम्स भोपाल ने IIT Indore की ‘दृष्टि’ टीम और भोपाल के एक स्टार्टअप के साथ मिलकर एआई आधारित स्मार्ट मार्गदर्शन प्रणाली विकसित करने की पहल की है। यह सिस्टम दो स्वरूप में काम करेगा—वेब आधारित और मोबाइल ऐप आधारित। मुख्य प्रवेश द्वार और प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करते ही मोबाइल पर इंटरैक्टिव मैप खुल जाएगा और एआई चरणबद्ध तरीके से सही रास्ता बताएगा।


भवनों के बीच जीपीएस तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जबकि भवनों के अंदर हर 15 मीटर पर रिले सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे सटीक दिशा-निर्देशन मिल सके। इस परियोजना को पहले एक माह के पायलट के रूप में लागू किया जाएगा। यदि परिणाम संतोषजनक रहे, तो इसे पूरे परिसर में लागू किया जाएगा। इससे मरीजों का समय बचेगा, भीड़ का दबाव कम होगा और स्टाफ पर रास्ता बताने का अतिरिक्त बोझ भी घटेगा।

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