छतरपुर के वकीलों ने भरी हुंकार: कपड़े उतारकर सड़क पर लेटे, कलेक्टर कार्यालय में घुसे, मोची को ज्ञापन सौंपा

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छतरपुर (संजय अवस्थी)। शिवपुरी जिले के करैरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े हुई जघन्य हत्या की आग अब छतरपुर की सड़कों तक पहुँच गई है। जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने आज विरोध प्रदर्शन का ऐसा अनोखा और तीखा रास्ता अख्तियार किया जिसे देख हर कोई दंग रह गया।
राज्य अधिवक्ता संघ के आह्वान पर शांतिपूर्ण ज्ञापन देने निकले वकीलों का गुस्सा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुँच गया, जब कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचने पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने उनका आवेदन लेने की जहमत नहीं उठाई। घंटों इंतजार और पुलिस की बैरिकेडिंग से नाराज वकीलों ने इसे अपना अपमान माना और जोरदार नारेबाजी करते हुए आकाशवाणी तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। विरोध इतना उग्र था कि कुछ अधिवक्ता अपने कपड़े उतारकर तपती सड़क पर लेट गए, जिससे पूरे शहर की रफ्तार थम गई।
प्रशासन की बेरुखी से आहत अधिवक्ताओं ने लगभग दो घंटे तक जाम लगाए रखा और अंत में एक ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे सिस्टम को आईना दिखा दिया। वकीलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे किसी अधिकारी को नहीं, बल्कि छत्रसाल चौराहे पर बैठकर जूता पॉलिश करने वाले एक गरीब मोची को अपना ज्ञापन सौंपेंगे।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने कड़े शब्दों में प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि हम कोई अपराधी नहीं हैं जो हमें ज्ञापन देने से रोका गया। उन्होंने सीधे तौर पर कलेक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें बर्खास्त करने के लिए राज्य अधिवक्ता परिषद को पत्र लिखने की बात कही है। इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन ने जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
वहीं दूसरी ओर, प्रशासन की तरफ से जिला पंचायत सीईओ नम:शिवाय अरजरिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि साप्ताहिक टीएल मीटिंग के कारण देरी हुई थी और वकीलों ने पहले से कोई औपचारिक सूचना नहीं दी थी। उन्होंने दावा किया कि वे खुद ज्ञापन लेने पहुँचे थे, लेकिन अधिवक्ता सिर्फ कलेक्टर से ही मिलने की जिद पर अड़े थे और उन्होंने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पब्लिक की सुविधा को देखते हुए जाम तो खुल गया, लेकिन वकीलों का यह 'अर्धनग्न' प्रदर्शन और मोची को ज्ञापन सौंपने की घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
16 फ़रवरी 2026 को 11:29 am बजे
बकस्वाहा में वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार

बकस्वाहा (राजू दुबे)। शिवपुरी के अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में आज बकस्वाहा के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आह्वान पर सोमवार को तहसील के सभी वकीलों ने न्यायालयीन कार्य से पूरी तरह विरत रहकर 'विरोध दिवस' मनाया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर तहसीलदार भरत पांडे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने प्रदेश में 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' को तत्काल लागू करने, हत्या के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और शासकीय सहायता देने की भी पुरजोर वकालत की गई। अध्यक्ष ब्रजेश बिल्थरे, उपाध्यक्ष रवि भूषण तिवारी और सचिव रामेश्वर सोनी ने चेतावनी दी है कि यदि वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
