पूजा और कथा में जब मन द्रवित हो तो समझ लें ईश्वर की कृपा मिली है: बागेश्वर महाराज

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छतरपुर। बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर्व पर 300 बेटियों का विवाह होने जा रहा है। 10 दिवसीय विवाह महोत्सव के तहत चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन बागेश्वर महाराज ने कहा कि जब पूजा करने और कथा सुनने के दौरान मन द्रवित हो तो समझ लें कि ईश्वर की कृपा प्राप्त हो रही है। बागेश्वर महाराज की कथा में समय-समय पर देश भर के संत अपनी उपस्थिति दे रहे हैं। कथा के मध्य कथा प्रेमियों को संतो के भी आशीर्वचन मिल रहे हैं।
बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र शास्त्री ने तीसरे दिन की पावन कथा श्रवण कराते हुए कहा कि हम इसलिए सौभाग्यशाली हैं क्योंकि हमें देवों की भूमि भारत में जन्म मिला है। हम इसलिए भी सौभाग्यशाली हैं क्योंकि हमें सनातन धर्म मिला, हम इसलिए भी सौभाग्यशाली है कि हमें कथा श्रवण करने का पावन अवसर मिल रहा है। महाराज श्री ने कहा कि ईश्वर ने उन्हें माध्यम बनाकर सेवा करने का अवसर दिया है। आप सभी भक्तों, धर्म प्रेमियों के सहयोग से गरीब, अनाथ, असहाय, निर्धन बेटियों के विवाह किए जा रहे हैं। अन्नपूर्णा के माध्यम से भोजन प्रसाद मिल रहा है, कैंसर अस्पताल बन जाने से लोगों की यह व्याधि थी दूर करने में मदद मिलेगी।
ढाई सौ परिवारों को मिली दीक्षा
रविवार को बागेश्वर धाम में दीक्षा का कार्यक्रम भी रखा गया। करीब ढाई सौ परिवारों को बागेश्वर महाराज ने मंत्र दीक्षा दी। सुबह से दीक्षा लेने वाले श्रद्धालओं ने सुबह से व्रत रखा। पूजन के पश्चात उन्हें मंत्र दीक्षा दी गई। सभी दीक्षित शिष्यों से कहा गया कि जो भी बागेश्वर धाम के प्रकल्प है उन कल्याणकारी प्रकल्पों में समय-समय पर अपनी सेवाएं अवश्य दें।
रूद्र चंडी यज्ञ शुरू, हर रोज बनेंगे पार्थिव शिवलिंग, होगा अभिषेक
बागेश्वर धाम में यज्ञ सम्राट पूज्य बाल योगेश्वर दास महाराज के सानिध्य में रूद्र चंडी महायज्ञ होगा। रविवार को बनारस से आए विद्वान पंडितों के माध्यम से बेदी पूजन किया गया। इस अवसर पर कन्या पूजन किया गया। बागेश्वर महाराज ने 11 कन्याओं के चरण धोकर उनकी पूजा की। कन्या पूजन के पश्चात यज्ञ शुरू हुआ, वहीं पार्थिव शिवलिंग बनाते हुए उनका अभिषेक किया गया।
