छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर 36 स्थित भरत देव इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे बड़ी मात्रा में संदिग्ध बायोवेस्ट पड़ा मिला। जैसे ही क्षेत्र के लोगों की नजर इस खतरनाक मेडिकल कचरे पर पड़ी, इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते इस बायोवेस्ट को नहीं हटाया जाता, तो यह आसपास के क्षेत्र में संक्रमण और गंभीर बीमारी फैलने का कारण बन सकता था।


बताया जा रहा है कि सड़क किनारे पड़े इस बायोवेस्ट में कई प्रकार की मेडिकल और संदिग्ध सामग्री शामिल थी, जिसे नियमों के तहत सुरक्षित तरीके से संग्रहित कर उसका नष्टीकरण किया जाना चाहिए। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में इस तरह का कचरा खुले में फेंका जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोगों ने वार्ड दरोगा से संपर्क किया। वार्ड दरोगा भी मौके पर पहुंचा और सड़क किनारे इतनी बड़ी मात्रा में बायोवेस्ट देखकर हैरान रह गया। इसके बाद नगर निगम के आला अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद निगम का अमला मौके पर पहुंचा और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मौके से दो से तीन कंपनियों के बिल और वाउचर भी मिले हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह बायोवेस्ट आखिर कहां से आया और इसे यहां किसने फेंका। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित संस्थानों और कंपनियों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर दिनदहाड़े इतनी बड़ी मात्रा में खतरनाक बायोवेस्ट सड़क किनारे कौन फेंक गया? क्या यह किसी निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी सेंटर या मेडिकल संस्थान का कचरा है? और यदि ऐसा है, तो फिर बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कैसे हुआ? स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह बायोवेस्ट किसी निजी अस्पताल या मेडिकल संस्थान का निकला, तो यह सिर्फ लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध भी हो सकता है। क्योंकि बायोमेडिकल वेस्ट का गलत तरीके से निपटान न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आम लोगों की जान और सेहत के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।फिलहाल नगर निगम की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है