रीवा। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के गृह क्षेत्र रीवा स्थित शासकीय संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय से एक बेहद संवेदनशील और दुखद मामला सामने आया है। अस्पताल में 22 वर्षीय गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के बाद जहां स्वास्थ्य विभाग ने 2 महिला डॉक्टरों और 2 स्टाफ नर्सों को निलंबित कर दिया है, वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का एक कथित विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से जन आक्रोश बढ़ गया है।
"पापा मुझे बचा लो, ये लोग मार डालेंगे" — मृतका का वीडियो वायरल
घटना से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें 22 वर्षीय पीड़िता अत्यधिक दर्द में अपने पिता से मदद की गुहार लगाती दिख रही थी। वीडियो में वह रोते हुए कहती है— "पापा मुझे बचा लो, ये लोग मुझे मार देंगे।" पिता के ढांढस बंधाने के बावजूद, ऑपरेशन के दौरान जच्चा और उसके नवजात बच्चे दोनों की मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया और लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर हत्या का मामला दर्ज करने व निष्पक्ष जांच की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग का कड़ा एक्शन: 4 निलंबित
मामले की गंभीरता और पीड़ित परिवार के गंभीर आरोपों के आधार पर विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की गई है:
- डॉ. सोनम अग्रवाल (डॉक्टर) — निलंबित कर जांच पूरी होने तक मुख्यालय अटैच।
- डॉ. निधि पांडे (डॉक्टर) — निलंबित कर जांच पूरी होने तक मुख्यालय अटैच।
- साधना वर्मा (नर्सिंग स्टाफ) — निलंबित।
- सीमा मुजल्दे (नर्सिंग स्टाफ) — निलंबित।
अस्पताल अधीक्षक का कथित शर्मनाक वीडियो आया सामने
कार्रवाई के बीच ही संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है: कथित वीडियो में अस्पताल अधीक्षक पीड़ित परिवार से बातचीत के दौरान बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील शब्दावली (कथित तौर पर '22 साल की उम्र में गर्भवती क्यों किया...' जैसे शब्द) का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया यूज़र्स ने अधीक्षक के इस रवैये को पद की गरिमा का मखौल और पीड़िता के प्रति अत्यंत असंवेदनशील करार दिया है।
पीड़ित परिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि न केवल जच्चा-बच्चा की मौत के जिम्मेदार चिकित्सा स्टाफ पर निष्पक्ष जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, बल्कि वायरल वीडियो की सत्यता जांच कर विवादित बयान देने वाले अधिकारी के खिलाफ भी सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएं।




