छतरपुर। छतरपुर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पहल पर देश के युवाओं को सकारात्मक सोच, अनुशासन और वैदिक मूल्यों से जोड़ने के लिए 1 से 3 सितंबर तक तीन दिवसीय ‘आत्म शुद्धि शिविर’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
शिविर के प्रमुख बिंदु और मुख्य उद्देश्य
डिजिटल युग में सही दिशा
सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच युवाओं को भ्रमित होने से बचाना और उन्हें जीवन के वास्तविक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना।
परिवर्तन का मूल मंत्र
शिविर का केंद्रीय संदेश है— "युवा बदलेगा तो सोच बदलेगी, सोच बदलेगी तो समाज बदलेगा और समाज बदलेगा तो राष्ट्र नई दिशा में आगे बढ़ेगा।"
‘गुरुत्व’ और राष्ट्र निर्माण
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार, भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए युवाओं में केवल आधुनिक एवं तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि 'गुरुत्व' (आंतरिक परिपक्वता और चरित्र निर्माण) की भावना का विकास भी जरूरी है।
नेतृत्व व आत्मचिंतन
युवाओं में आत्मचिंतन, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी का अहसास कराना।




