इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शनिवार को इंदौर देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पहुंचने के दौरान सांसद शंकर लालवानी के साथ हुई 10 से 15 मिनट की एकांत (वन-टू-वन) बातचीत ने प्रदेश और जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
मुख्यमंत्री उज्जैन से सड़क मार्ग द्वारा इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां से उन्हें महाराष्ट्र के गोंदिया के लिए रवाना होना था। इस दौरान एयरपोर्ट पर अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में दोनों नेताओं की अकेले में हुई लंबी मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।
इंदौर के इंफ्रास्ट्रक्चर व एयर कनेक्टिविटी पर फीडबैक
सांसद शंकर लालवानी लंबे समय से इंदौर एयरपोर्ट के रनवे विस्तार, नाइट लैंडिंग, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और नए टर्मिनल से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रयासरत रहे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने शहर की विकास परियोजनाओं और आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर सांसद से फीडबैक लिया है।
संगठनात्मक व स्थानीय राजनीति पर मंथन
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि मुख्यमंत्री ने इंदौर शहर व जिले के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम, पार्टी संगठन की गतिविधियों और स्थानीय प्रशासनिक मामलों को लेकर भी सांसद से चर्चा की है।
अचानक या तय मुलाकात?
अन्य स्थानीय मंत्रियों व विधायकों की अनुपस्थिति के बीच केवल सांसद लालवानी की मुख्यमंत्री से इस तरह की अलग से बातचीत को लेकर सवाल तैर रहे हैं कि क्या यह मुलाकात पहले से तय थी या एयरपोर्ट पर अचानक बनी रणनीति का हिस्सा।
मार्च 2026 के नए टर्मिनल लोकार्पण का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च 2026 में इंदौर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल-1 (Terminal-1) के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद शंकर लालवानी एक मंच पर साथ दिखे थे। सांसद की इंदौर के नागरिक उड्डयन और शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता लगातार बनी रही है।
फिलहाल इस मुलाकात को लेकर न तो मुख्यमंत्री कार्यालय और न ही सांसद कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है, लेकिन एयरपोर्ट की इस 15 मिनट की मुलाकात ने आने वाले प्रशासनिक व राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति उत्सुकता बढ़ा दी है।




