मोहाली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जहां मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं, उसी अस्पताल को दोपहर 1:11 बजे बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरे ई-मेल में CM मान को पोलोनियम से संक्रमित करने का दावा किया गया है। मेल में लिखा है कि "भाई दिलावर सिंह के वारिसों ने उन्हें पोलोनियम से संक्रमित किया है। अगर वे बच गए तो बेअंत सिंह जैसा हाल करेंगे। फोर्टिस अस्पताल से CM की लाश ही निकलेगी।"
यह धमकी 'हंटर फार्ले' नाम से जीमेल अकाउंट से भेजी गई है। मेल में पंजाब को खालिस्तान बताते हुए कहा गया है कि "अपने बच्चों को बचा लो और मोहाली के स्कूल बंद रखो।" धमकी में खालिस्तान रेफरेंडम वालों को गैंगस्टर बताकर एनकाउंटर लेने का बदला लेने की बात कही गई है। मेल के अंत में 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' का नाम लिखा है, साथ ही इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकन शाहवाला, डॉ. गुरनिरवीर सिंह और खान राजादा का जिक्र है।
धमकी मिलने के बाद पंजाब पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अस्पताल को चारों तरफ से घेर लिया गया है। 5 बम निरोधक दस्ते सक्रिय कर दिए गए हैं। मोहाली के एसपी दिलप्रीत सिंह ने बताया कि अभी CM को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की कोई बात नहीं है। CM की सुरक्षा में पुलिस टीमें अलर्ट हैं।
इसके साथ ही मोहाली के 16 स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिन्हें तत्काल बंद कर दिया गया है।
CM भगवंत मान की तबीयत
CM मान रविवार को ब्लड प्रेशर बढ़ने पर फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए थे। सोमवार को डिस्चार्ज होकर मोगा में AAP की नशा विरोधी रैली में शामिल हुए। वहां सांस लेने में तकलीफ होने पर सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली और चंडीगढ़ के स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन हर बार ये खोखली साबित हुईं। इस बार CM मान को लेकर धमकी मिलने से पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।
पोलोनियम-210 क्या है?
पोलोनियम-210 (Po-210) दुनिया के सबसे घातक रेडियोएक्टिव जहरों में से एक है। यह अल्फा विकिरण उत्सर्जित करता है। शरीर में प्रवेश करने पर अंदरूनी अंगों और DNA को तेजी से नष्ट कर देता है। शुरुआती लक्षणों में उल्टी और लूज मोशन शामिल हैं। इसका कोई एंटीडोट नहीं है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। अभी तक कोई संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा नहीं गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

