देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गुरुवार दोपहर तिरंगा यात्रा में शामिल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की करीब 80 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। भीषण गर्मी और तेज धूप में भूखे-प्यासे पैदल चलने के कारण स्कूल लौटते ही कई छात्राएं बेहोश हो गईं और कई को उल्टियां होने लगीं। आनन-फानन में सभी को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।


अस्पताल में मची अफरा-तफरी, फर्श पर चला इलाज

एक साथ 80 छात्राओं के मेडिकल कॉलेज पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में अफरा-तफरी मच गई। बेड कम पड़ने पर एक-एक बेड पर दो-दो छात्राओं को लिटाया गया, जबकि कई छात्राओं को फर्श पर गद्दे बिछाकर प्राथमिक उपचार देना पड़ा। 6 से अधिक डॉक्टरों की आपातकालीन टीम इलाज और निगरानी में जुट गई। 21 छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि लगभग 59 छात्राएं अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चियों ने सुबह से कुछ खाया नहीं था। तेज धूप और भीषण गर्मी में भूखे-प्यासे खड़े रहने और पैदल चलने के कारण वे गंभीर डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का शिकार हो गईं।


सुबह 9 बजे से बुलाई गई थीं छात्राएं

भाजपा द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा दोपहर 12 बजे पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज से शुरू होकर दोपहर 1 बजे रवींद्र शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंची। लेकिन कस्तूरबा बालिका विद्यालय (कक्षा 6 से 12वीं) की छात्राओं को सुबह 9 बजे से ही मौके पर बुला लिया गया था।


इस 1.5 किलोमीटर लंबी यात्रा में लगभग 20 स्कूलों के 2,500 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इसमें देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी और जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीश चंद तिवारी समेत स्थानीय नेता भी मौजूद थे। दोपहर करीब 1:30 बजे जैसे ही छात्राएं यात्रा पूरी कर स्कूल वापस पहुंचीं, कई छात्राएं गश्त खाकर गिर पड़ीं।


प्रशासन और डॉक्टरों का बयान

डॉ. एस.के. मिश्रा (CMS, मेडिकल कॉलेज)

"बच्चियों में डिहाइड्रेशन के लक्षण मिले हैं। सभी की लगातार निगरानी की जा रही है और उन्हें ओआरएस व स्लाइन दिया जा रहा है। फिलहाल सभी छात्राओं की हालत खतरे से बाहर है।"


पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर

एसपी ने खुद मेडिकल कॉलेज पहुंचकर भर्ती छात्राओं के स्वास्थ्य का जायजा लिया और डॉक्टरों को बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।