मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार को हंगामेदार शुरुआत हुई। सदन की कार्यवाही सुबह वंदे मातरम् के पूर्ण छह छंदों के गायन से शुरू हुई, जिसके बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपना अभिभाषण पढ़ा। अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण में देश को अमृत काल की ओर अग्रसर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र किया। उन्होंने मध्य प्रदेश की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया। राज्यपाल ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल में निवेश प्रस्तावों, वर्ष 2047 तक प्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने तथा नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की।
अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप कर नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे मुद्दों को भाषण में शामिल न करने का आरोप लगाया। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी, हालांकि राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। सदन से राज्यपाल के प्रस्थान के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा नहीं पढ़ा जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में 83 सवाल रखे जाएंगे। 18 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
