सतना, अंबिका केशरी। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में अब व्यापारियों ने आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। सतना के गल्ला तिलहन व्यापारी संघ ने मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। व्यापारियों ने इस निर्णय को व्यापार और आम जनता दोनों के लिए नुकसानदायक बताया है।


संघ का कहना है कि मंडी शुल्क में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि भले ही मामूली दिखाई देती हो, लेकिन कृषि उपज के बड़े कारोबार पर इसका सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। शुल्क बढ़ने से व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिसका असर कृषि उत्पादों के दामों पर पड़ेगा और महंगाई में वृद्धि होगी। इसका भार अंततः उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा।


ज्ञापन में व्यापारियों ने यह भी आशंका जताई है कि बढ़े हुए शुल्क के कारण कुछ लोग कर चोरी या अवैध व्यापारिक गतिविधियों का सहारा ले सकते हैं, जिससे शासन के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। व्यापारियों ने सरकार से जनहित, किसान हित और व्यापार जगत की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।


गल्ला तिलहन व्यापारी संघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि मंडी शुल्क वृद्धि का फैसला वापस लिया जाए, ताकि व्यापार सुचारू रूप से संचालित हो सके, बाजार में अनावश्यक महंगाई न बढ़े और शासन का राजस्व भी सुरक्षित बना रहे। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इस विषय में सकारात्मक निर्णय लेकर व्यापारी, किसान और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करेगी।