छतरपुर, जावेद खान। जिले के जुझारनगर थाना क्षेत्र के दिदवारा गांव में शुक्रवार को स्कूली बच्चों ने अपनी सुरक्षा को लेकर कुछ समय के लिए सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। दिदवारा गांव क्रेशर मंडी के रूप में जाना जाता है, जहां दिनभर ओवरलोडेड ट्रकों और डंपरों की आवाजाही रहती है। छात्रों का कहना है कि भारी वाहनों के कारण स्कूल आने-जाने में उन्हें हर दिन जान जोखिम में डालनी पड़ती है। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद बच्चों ने स्वयं ही सड़क खाली कर दी, जिसके बाद यातायात सामान्य हो गया।


प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्कूल समय में तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। वाहन गुजरने के दौरान उड़ने वाली धूल से सांस लेने और देखने में परेशानी होती है, वहीं सड़क की खराब स्थिति और गड्ढों के कारण भी आवागमन मुश्किल हो गया है। छात्रों का कहना है कि कई बार स्थानीय लोग भी इन भारी वाहनों की वजह से हादसों का शिकार हो चुके हैं।


बच्चों और ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि विद्यालय खुलने और छुट्टी के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यदि स्कूल समय में नो-एंट्री लागू कर दी जाए तो बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया।


प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए और भारी वाहनों की गति व समय सीमा निर्धारित नहीं की गई, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


इस संबंध में एसडीएम आयुष जैन ने कहा कि "स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सभी क्रेशर संचालकों से चर्चा कर उन्हें कड़े दिशा-निर्देश दिए जाएंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।" अब स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।