सोल। दक्षिण कोरिया की राजधानी का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट 2026 की पहली छमाही में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या के मामले में दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बन गया है। इसकी एक बड़ी वजह मध्य पूर्व में जारी ईरान युद्ध के कारण हवाई यातायात का रूट बदलना है।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, एयरपोर्ट ने जनवरी से जून 2026 के बीच 3.839 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभाला। इसके साथ ही इंचियोन ने लंबे समय से शीर्ष पर रहने वाले लंदन के हीथ्रो और सिंगापुर के चांगी को पीछे छोड़ दिया। हीथ्रो में 3.779 करोड़ और चांगी में 3.453 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का आवागमन हुआ।

2001 में शुरू हुए इंचियोन के इतिहास में यह पहली बार है जब उसने अंतरराष्ट्रीय यातायात की वैश्विक रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है। 2002 में वह 10वें स्थान पर था, 2018 में पांचवें और 2024 और 2025 में तीसरे स्थान पर पहुंचा था।

इंचियोन की इस छलांग में मध्य पूर्व का संकट महत्वपूर्ण कारक रहा। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण दुबई जैसे मध्य पूर्वी एयर हब की भूमिका कमजोर हुई और ट्रांजिट यात्रियों का एक हिस्सा पूर्वी एशिया के वैकल्पिक मार्गों की ओर मुड़ गया। इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉरपोरेशन ने भी यातायात बढ़ने में इस बदलाव को एक कारण बताया है।

इंचियोन का अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत बढ़ा। चीन और जापान से आने वाले यात्रियों में वृद्धि ने भी इसमें योगदान दिया। पहली छमाही में एयरपोर्ट के कुल यात्रियों में विदेशी नागरिकों की हिस्सेदारी 39.3 प्रतिशत रही, जबकि 2026 की दूसरी तिमाही में यह रिकॉर्ड 44.4 प्रतिशत तक पहुंच गई।

इंचियोन फिलहाल 101 एयरलाइनों के जरिए 183 शहरों से जुड़ा है, जिनमें 158 अंतरराष्ट्रीय यात्री गंतव्य हैं। 2024 के अंत में पूरा हुआ चार चरणों वाला विस्तार इसकी वार्षिक क्षमता को बढ़ाकर 10.6 करोड़ यात्रियों तक ले गया है।

इस बीच हीथ्रो ने 2026 की पहली छमाही में कुल 4 करोड़ यात्रियों का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन मध्य पूर्व के लिए उसकी क्षमता में 16.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए यातायात में 7.9 प्रतिशत वृद्धि हुई।