भोपाल, जीतेन्द्र यादव। भोपाल नगर निगम के नवनिर्मित मुख्यालय में एक महिला कर्मचारी के करीब आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे ने नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
धौलपुरे ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक निगम मुख्यालय में यदि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारी के लिफ्ट में फंसे रहने के दौरान न तो कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही आपातकालीन सहायता व्यवस्था प्रभावी रूप से सक्रिय दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान निगम आयुक्त से संपर्क करने के प्रयास भी सफल नहीं हुए, वहीं सूचना मिलने के बाद भी फायर विभाग के अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। ऐसे में यदि महिला कर्मचारी की तबीयत बिगड़ जाती या कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और आधुनिक अधोसंरचना के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन वास्तविकता में सुरक्षा मानकों और रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, भवन में स्थापित लिफ्टों और सुरक्षा उपकरणों का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
धौलपुरे ने कहा कि जब नगर निगम के अपने कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तब आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे खोखले साबित होते हैं। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से घटना पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।




