बेलफास्ट। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का पहला मैच 34 रन से गंवाने के बाद टीम इंडिया के लिए सीरीज का दूसरा मुकाबला 'करो या मरो' का होगा। मेहमान टीम इस मैच को जीतकर सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म करना चाहेगी।
आयरलैंड ने शुक्रवार को सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में भारत के खिलाफ टी20 इतिहास की पहली जीत हासिल की थी। सीरीज के पहले मैच में मिली चौंकाने वाली हार के बारे में सोचने के लिए भारत के पास ज्यादा समय नहीं है। यह मैच भारत के लिए जीतना जरूरी है, जबकि आयरलैंड की टीम एक और इतिहास रचने के लिए बेताब है।
मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम शुक्रवार को खेल के तीनों विभागों में पिछड़ी नजर आई। भारत के लिए रविवार का मुकाबला सिर्फ सीरीज बराबर करने से कहीं ज्यादा अहम है। यह उस प्रदर्शन के बाद जवाब देने का मौका है, जिसमें योजना और उसे लागू करने, दोनों में कमियां दिखी थीं। इस नतीजे से न सिर्फ आयरलैंड को दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त मिली, बल्कि वे अपनी अब तक की सबसे बड़ी द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीत से बस एक जीत दूर हो गए।
भारत की गेंदबाजी की योजनाओं पर सवाल उठ सकते हैं। हर्षित राणा ने 24 रन देकर 3 विकेट हासिल किए, फिर भी आयरलैंड ने कुछ रणनीतिक गलतियों का फायदा उठाते हुए आखिरी पांच ओवरों में 66 रन जुटा लिए। अगर भारत को पारी के आखिर में विरोधी टीम को तेजी से रन बनाने से रोकना है, तो उन्हें अपने गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल करना होगा और डेथ ओवरों में बेहतर गेंदबाजी करनी होगी।
बैटिंग यूनिट के सामने भी कई अहम सवाल हैं। अभिषेक शर्मा की सिर्फ 20 गेंदों में तूफ़ानी 50 रनों की पारी ने भारत को लक्ष्य का पीछा करते हुए कुछ समय के लिए अच्छी स्थिति में पहुंचाया था, लेकिन उनके आउट होते ही पारी लड़खड़ा गई। कप्तान श्रेयस अय्यर सिर्फ तीन रन बना पाए, जबकि ईशान किशन, तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके। शिवम दुबे की तेज-तर्रार छोटी पारी को छोड़कर, मिडिल ऑर्डर पार्टनरशिप बनाने या जरूरी रन रेट के साथ चलने में संघर्ष करता दिखा। सीरीज दांव पर लगी है, इसलिए भारतीय टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव पर विचार कर सकता है। 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जो मौके का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, आयरलैंड की टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ फाइनल मैच में उतरेगी। भारत के खिलाफ लगातार आठ हार के बाद आखिरकार टी20 जीत का सूखा खत्म करने के बाद, लोर्कन टकर की टीम के पास अब वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ सीरीज जीतने का मौका है।
कप्तान टकर ने पहले मैच में संयमित फिफ्टी के साथ टीम की अगुवाई की, जबकि गैरेथ डेलानी बहुत कम अंतर से अर्धशतक बनाने से चूके। मेजबान टीम के लिए सबसे अहम बात यह रही कि डेब्यू करने वाले मैट हॉलार्ड और जय मूंदड़ा ने शानदार प्रदर्शन करके टीम के भरोसे को सही साबित किया है। भले ही आयरलैंड को मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल है, लेकिन उन्हें पता है कि भारत में जबरदस्त वापसी करने की काबिलियत है।
भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, सूर्यांश शेडगे, प्रसिद्ध कृष्णा, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, इशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी।
आयरलैंड की टीम: लोर्कन टकर (कप्तान), रॉस अडायर, बेन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, स्टीफन डोहेनी, मैथ्यू हम्फ्रीस, गेविन होए, मैथ्यू होलार्ड, लियाम मैक्कार्थी, जय मूंदड़ा, हैरी टेक्टर, टिम टेक्टर और रूबेन विल्सन।

