मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला अस्पतालों के कायाकल्प के दावे कर रही है, लेकिन मंदसौर जिला अस्पताल की जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। अस्पताल परिसर में महिला वार्ड और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे यह रास्ता मरीजों और उनके परिजनों के लिए खतरे का कारण बन गया है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। महिला वार्ड और एनआरसी तक जाने वाले इसी मार्ग से गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशुओं को लेकर आने वाली माताएं, बुजुर्ग मरीज तथा अन्य लोग गुजरते हैं। जलभराव और गड्ढों के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मरीजों को संभालकर ले जाना पड़ता है, जबकि फिसलने और दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना रहता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि इसी रास्ते से एंबुलेंस और अन्य आवश्यक वाहन भी अस्पताल परिसर में आते-जाते हैं। खराब सड़क और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है। मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस में झटके लगने से उनकी तकलीफ और बढ़ जाती है। बारिश के दौरान पानी भर जाने से गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि सड़क की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत और मांग के बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के बाहर बदहाल सड़क प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है और मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
अब लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल सड़क की मरम्मत कराकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता स्वयं मरीजों की परेशानी का कारण न बने, इसके लिए शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।




