नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित और इसका विरोध कर रहे ग्रामीणों तथा प्रभावित प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात कर विस्तृत बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रभावित आदिवासियों व स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनकी मांगों को सुना।


बैठक एवं बातचीत के मुख्य बिंदु

उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास

राहुल गांधी ने कहा कि परियोजना के कारण अपनी जमीन गंवाने वाले प्रभावितों को न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही सम्मानजनक पुनर्वास व्यवस्था की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में अपनी मांगों का पत्र सौंपा।


जल, जंगल और जमीन का अधिकार

उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार वहां के मूल निवासियों और आदिवासियों का है। उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग की निंदा की।


आजीविका और विस्थापन की चुनौती

प्रतिनिधिमंडल ने जल-सत्याग्रह और प्रदर्शनों के माध्यम से विस्थापन, आजीविका के साधन छीने जाने तथा पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर अपनी चिंताएं जताईं।


संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन

नेता प्रतिपक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी प्रभावितों के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके उचित मुआवजे व अधिकार के लिए संसद से लेकर सड़क तक लड़ाई जारी रखेगी।