गंदगी के कहर पर तालाब, जिम्मेदार अधिकारी मौन

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चंदला, जीतेन्द्र तिवारी। एक ओर केंद्र सरकार तालाबों और जलकूपों के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नई-नई योजनाएं लागू कर रही है, ताकि जलस्रोत सुरक्षित रहें और लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। वहीं दूसरी ओर चंदला नगर में लापरवाही के चलते जल संरक्षण के प्रयासों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चंदला के वार्ड क्रमांक 15 में स्थित जगमन तालाब की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। बीते वर्षों में इस तालाब के सौंदर्यीकरण, पाट निर्माण और गहरीकरण के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन वर्तमान हालात उस खर्च की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।
तालाब के चारों ओर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि कचरे के साथ-साथ आसपास के लोगों ने अपने घरों के नापदान की नालियां भी सीधे तालाब में जोड़ दी हैं। इसके अलावा, तालाब के किनारे बन रहे नवनिर्मित मकानों के मालिकों द्वारा निर्माण का मलबा और बेकार सामग्री भी खुलेआम तालाब में डाली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की ओर कई बार ध्यान दिलाए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब यह ऐतिहासिक तालाब पूरी तरह कचरे से पट जाएगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार द्वारा जलाशयों के संरक्षण पर खर्च किए जा रहे लाखों-करोड़ों रुपये का उद्देश्य चंदला में पूरा हो पाता है या फिर अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी के चलते जगमन तालाब गंदगी की भेंट चढ़ जाएगा।
