भोपाल में पानी के नमूनों के फेल होने पर गरमाई सियासत, विधानसभा में घेरेगी कांग्रेस
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भोपाल। राजधानी भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूनों (सैंपल्स) के जांच में फेल होने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि राजधानी की जनता को प्रदूषित पानी पिलाया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। सिंघार ने इस लापरवाही को बेहद चिंताजनक बताते हुए घोषणा की है कि कांग्रेस इस ज्वलंत मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
उमंग सिंघार ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि शहर में पानी की गुणवत्ता के हालात हर जगह खराब हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद अभी तक किसी भी अधिकारी या जिम्मेदार की जवाबदेही तय नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने राज्यपाल से भेंट करने का समय मांगा है, ताकि उन्हें जमीनी हकीकत से अवगत कराया जा सके। विपक्ष का आरोप है कि नगर निगम और जल कार्य विभाग जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के अपने बुनियादी कर्तव्य में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
सरकार पर दबाव बनाने के लिए नेता प्रतिपक्ष ने एक नई रणनीति का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में स्वयं 'वाटर ऑडिट' (जल परीक्षण) कराएंगे। इस पहल के माध्यम से विभिन्न इलाकों के पानी के नमूने स्वतंत्र लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे, ताकि जनता के सामने सच लाया जा सके। सिंघार ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रदूषित पानी की आपूर्ति करने वाले जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और गुणवत्ता में सुधार नहीं आता, कांग्रेस इस लड़ाई को सदन से लेकर सड़क तक जारी रखेगी।
