भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा अपने संगठनात्मक ढांचे को धार देने और मोर्चा इकाइयों के पुनर्गठन का कार्य तेजी से जारी है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश नेतृत्व और अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा द्वारा विभिन्न जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों का दौर चल रहा है।


हाल ही में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति और ST मोर्चा के प्रदेश नेतृत्व की अनुशंसा पर नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है, जिन्हें अपने-अपने जिलों में संगठन को गति देने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।


नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य और रणनीति

नव-नियुक्त जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों के आदिवासी बहुल क्षेत्रों, अंचलों और मंडलों में भाजपा की नीति-रीतियों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति समाज के उत्थान के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, जल-जंगल-जमीन से जुड़े अधिकारों और विकास कार्यों को धरातल पर पहुंचाना। पार्टी संगठन ने ऊर्जावान और समर्पित कार्यकर्ताओं को जिलाध्यक्ष की कमान सौंपकर जमीनी नेतृत्व को नया उभार देने की रणनीति अपनाई है।


संगठनात्मक गतिविधियों में आएगी तेजी

भाजपा संगठन की दृष्टि से मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्षों की यह नई नियुक्तियां आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, बूथ स्तर के सशक्तीकरण और आदिवासी समाज के बीच जनसंपर्क अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।


नव-नियुक्त सभी जिलाध्यक्षों ने पार्टी शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निष्ठापूर्वक कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया है।