गोवा में बिना लाइसेंस के हो रहा था नाइट क्लब का संचालन

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गोवा के एक नाइट क्लब में हुए अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में साफ हुआ है कि यह नाइटक्लब न केवल अवैध था, बल्कि अधिकारियों की मिलीभगत से मौत का जाल बनकर चल रहा था। नाइटक्लब का निर्माण एक सॉल्ट पैन (नमक के मैदान) के बीच में किया गया था।
मौजूदा कानूनों और कोस्टल जोन रेगुलेशन (सीआरझेड) के तहत ऐसी जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। क्लब का ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2024 को ही खत्म हो चुका था। इसके बावजूद, यह दिसंबर 2025 तक अवैध रूप से चलता रहा। पंचायत ने इसे न तो सील किया और न ही अन्य विभागों को इसकी जानकारी दी। लाइसेंस के मूल दस्तावेजों में हाथ से लिखकर हाउस नंबर और बार एंड नाइटक्लब जैसे शब्द बाद में अलग स्याही से जोड़े गए थे। आवेदन फाइल से बिल्डिंग प्लान और लैंड रिकॉर्ड जैसे जरूरी दस्तावेज गायब थे। जिस लाइसेंस को जारी करने में महीनों लगते हैं, उसे दिसंबर 2023 में आवेदन मिलने के महज 5 दिनों के भीतर मंजूरी दे दी गई।
सचिव ने ढांचे का मौके पर जाकर वेरीफिकेशन तक नहीं किया था। जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच शोर और पार्किंग को लेकर दर्जनों शिकायतें हुईं, लेकिन अधिकारियों ने हर बार सब कुछ ठीक है लिखकर फाइल बंद कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट के नाइट पेट्रोलिंग के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई गईं। 6 दिसंबर की रात, नाइटक्लब में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम या अग्निशमन उपकरण के आतिशबाजी का आयोजन किया गया था।
इसी आतिशबाजी से निकली चिंगारी ने भीषण आग का रूप ले लिया। क्लब में बाहर निकलने के लिए कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था, जिसके कारण पर्यटक और स्टाफ अंदर ही फंस गए और 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस इस मामले में गैर-इरादतन हत्या, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत जांच कर रही है। इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दिल्ली के रहने वाले मालिक भाई सौरभ और गौरव लूथरा शामिल हैं। बता दें कि गोवा के अरपोरा गांव में इसी महीने बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की जान चली गई थी।
