ईशानगर। ईशानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। गोर गांव निवासी परिवार के नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एक सप्ताह पहले शनिवार को जन्मे नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ने पर शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे उसे अस्पताल लाया गया, लेकिन उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और केवल नर्सों द्वारा उपचार किया गया।


परिजनों का कहना है कि नवजात शिशु की हालत लगातार बिगड़ती रही, इसके बावजूद समय पर जिला अस्पताल छतरपुर रेफर नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद वाहन के लिए 600 रूपये की मांग की गई। मजबूरी में परिजन नवजात शिशु को बाइक से छतरपुर लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही नवजात शिशु ने दम तोड़ दिया।


घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सूचना मिलते ही ईशानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।


परिजनों ने बीएमओ डॉ. गिरीश साहू एवं अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका यह भी कहना है कि अस्पताल में अक्सर डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं व कभी समय पर अस्पताल नहीं आते, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


फिलहाल अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस एवं संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।