पुतिन के घर पर हमले में नया ट्विस्ट, यूएस को यूक्रेनी हमले का नहीं मिला सबूत

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। रूस ने हाल ही में यूक्रेन पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए सनसनी मचा दी है कि कीव ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निजी आवास को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया है। रूस के आधिकारिक बयानों के अनुसार, सोमवार को यूक्रेन ने मॉस्को के उत्तर में स्थित नोवगोरोड क्षेत्र में पुतिन के स्थायी निवास पर 91 लंबी दूरी के ड्रोनों से हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन दावों की सत्यता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं, विशेषकर अमेरिका की एक हालिया रिपोर्ट ने रूस के इन दावों को बड़ा झटका दिया है।
अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों और खुफिया एजेंसी सीआईए ने रूस द्वारा किए गए इन दावों की गहराई से जांच और विश्लेषण किया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को मॉस्को या पुतिन के किसी भी आवास को निशाना बनाए जाने का कोई ठोस सबूत या निशान नहीं मिला है। खुफिया जानकारी के विश्लेषण के बाद अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि उन्हें पुतिन की जान को किसी भी तरह का तात्कालिक खतरा होने का कोई सुराग नहीं मिला है। यह रिपोर्ट रूस के उन दावों के विपरीत है जिसमें इस हमले को एक बड़ी साजिश के रूप में पेश किया गया था।
इससे पहले, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा था कि रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को हुए इस हमले को रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने पूरी तरह विफल कर दिया। उन्होंने दावा किया कि सभी 91 ड्रोनों को मार गिराया गया और इससे किसी भी तरह का भौतिक नुकसान नहीं हुआ। लावरोव ने चेतावनी दी कि रूस इस आतंकवादी कृत्य के खिलाफ सही समय पर और अपनी सुविधानुसार जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें बर्फ में गिरे एक काले रंग के ड्रोन का मलबा, लकड़ी के हिस्से और बिजली के तार दिखाए गए हैं। रूसी अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक ड्रोन लगभग छह किलो विस्फोटक से लैस था।
इस बीच, रूसी विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जब इस हमले की जानकारी मिली, तो वह बेहद नाराज और स्तब्ध थे। उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने स्वयं फोन पर ट्रंप को इस घटना की जानकारी दी थी। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान इस बात पर भी है कि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा संपादकीय साझा किया है जिसमें रूस पर यूक्रेन में शांति प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कीव का कहना है कि रूस ने यह मनगढ़ंत कहानी केवल अमेरिका और यूक्रेन के बीच संबंधों में तनाव पैदा करने और आगामी शांति वार्ता को पटरी से उतारने के लिए बुनी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कथित हमले को लेकर रूस का पक्ष लेने या निंदा करने वाले देशों की आलोचना करते हुए इसे रूस का नया प्रोपेगेंडा करार दिया है। फिलहाल, इस कथित हमले और उसके बाद के दावों-प्रतिदावों ने वैश्विक राजनीति में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है, जबकि जमीनी हकीकत को लेकर अब भी संशय बना हुआ है।
