न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज फर्ग्यूसन चोट से जूझ रहे, टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बढ़ा टेंशन

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आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड को चिंता सता रहा है क्योंकि टीम के सबसे तेज़ और अनुभवी गेंदबाज़ लॉकी फर्ग्यूसन पिंडली चोट से जूझ रहे हैं और इससे उबरने वह संघर्ष कर रहे हैं। आईएलटी20 के दौरान लगी इस चोट ने न सिर्फ उनकी फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट योजनाओं को पटरी से उतार दिया, बल्कि भारत और श्रीलंका में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। चयनकर्ता अब उनके विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
बता दें दिसंबर में दुबई में खेले गए आईएलटी20 मुकाबले के दौरान लॉकी फर्ग्यूसन को बड़ा झटका लगा। एमआई एमिरेट्स के खिलाफ डेजर्ट वाइपर्स की ओर से गेंदबाज़ी करते हुए उन्होंने अपने दूसरे ओवर में सिर्फ तीन गेंदें ही फेंकी थीं कि पिंडली में तेज दर्द के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती जांच में चोट गंभीर पाई गई, जिसके चलते उन्हें पूरे आईएलटी20 सीजन से बाहर होना पड़ा। यही नहीं, इसके बाद उनकी बिग बैश लीग में वापसी की उम्मीद भी खत्म हो गई। फर्ग्यूसन के बाहर होते ही डेजर्ट वाइपर्स ने तुरंत पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक को टीम में शामिल किया और सैम कुरेन ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली।
वहीं बिग बैश लीग में सिडनी थंडर को भी बड़ा फैसला लेना पड़ा। फर्ग्यूसन की अनुपलब्धता की पुष्टि होते ही थंडर ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर डेविड विली को उनके रिप्लेसमेंट के रूप में साइन कर लिया। सिडनी थंडर के जनरल मैनेजर ट्रेंट कोपलैंड ने फर्ग्यूसन के बाहर होने पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि लॉकी सिर्फ 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाज़ी करने वाले तेज गेंदबाज़ नहीं हैं, बल्कि टीम के माहौल में भी उनका योगदान अहम रहा है। उनके अनुभव और व्यक्तित्व की कमी टीम को खलेगी।
34 साल के फर्ग्यूसन नवंबर 2024 के बाद से न्यूजीलैंड के लिए कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेले हैं। वह पहले भी हैमस्ट्रिंग की समस्या के कारण चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में टी20 वर्ल्ड कप से पहले उनकी चोट चयनकर्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, खासकर तब जब विल ओ’रूर्के भी पीठ की चोट के कारण टीम में नहीं हैं। काइल जैमीसन ने हाल ही में सुपर स्मैश में कैंटरबरी के लिए खेलते हुए अपनी फिटनेस दिखाई, जबकि मैट फिशर चोट से उबरकर नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के लिए वापसी कर चुके हैं। इन खिलाड़ियों के वर्कलोड और रिकवरी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
