भोपाल, जितेंद्र यादव | कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (Nomination Paper) रद्द होने के बाद मध्य प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। इस फैसले के विरोध में सोमवार को देश की राजधानी से लेकर मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसी कड़ी में भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) दफ्तर के बाहर यूथ कांग्रेस (युवा कांग्रेस) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।


मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी, सरकारी दबाव में काम करने का आरोप

सोमवार दोपहर को यूथ कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पीसीसी दफ्तर के बाहर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


लोकतंत्र की हत्या का आरोप: प्रदर्शनकारी युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर और जानबूझकर तकनीकी कमियों का बहाना बनाकर कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया गया है। यह सीधे तौर पर विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतंत्र की हत्या करने जैसा कदम है। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए कार्यकर्ताओं ने उनके पुतले को आग के हवाले कर दिया।


दावों की खुली पोल: बड़े प्रदर्शन में पहुंचे महज 8 से 10 कार्यकर्ता

एक तरफ जहां कांग्रेस इस मुद्दे पर देशव्यापी और प्रदेशव्यापी बड़े आंदोलन और कानूनी लड़ाई की बात कह रही है, वहीं सोमवार को भोपाल में हुए इस प्रदर्शन ने संगठन की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए।


गुटबाजी और तालमेल की कमी: राज्यसभा उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने जैसे इतने संवेदनशील और बड़े मुद्दे पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में महज 8 से 10 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता ही नजर आए।


चर्चा का विषय: वीआईपी और बड़े नेताओं के गढ़ माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस दफ्तर के ठीक बाहर हुए इस 'फ्लॉप' प्रदर्शन को लेकर अब खुद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आम लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इतने बड़े मामले पर भी यूथ कांग्रेस राजधानी में अपनी भीड़ जुटाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई।


क्या है पूरा मामला?

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस आलाकमान ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा की खाली हो रही सीट के लिए पूर्व सांसद और वरिष्ठ महिला नेत्री मीनाक्षी नटराजन को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था। हालांकि, स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) के दौरान निर्वाचन अधिकारी द्वारा उनके शपथ पत्र और दस्तावेजों में कुछ गंभीर तकनीकी त्रुटियां पाते हुए उनका नामांकन पत्र निरस्त (रद्द) कर दिया गया, जिसके बाद से ही कांग्रेस हमलावर रुख अपनाए हुए है। कांग्रेस इस मामले को लेकर अब न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी भी कर रही है।