भोपाल, पंकज यादव। मध्य प्रदेश सरकार आगामी मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण संशोधन और नए विधेयक पेश करने जा रही है। इन प्रस्तावित विधेयकों के लागू होने से राज्य में उच्च शिक्षा, निवेश और शहरी विकास को एक नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और समयानुकूल बनाना है। नए नियमों का सीधा सकारात्मक असर निवेशकों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा।


1. अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक

आगजनी की घटनाओं पर त्वरित और प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए सरकार नया अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक ला रही है।

  • भवन सील करने का अधिकार: आगजनी की घटनाओं के दौरान फायरकर्मियों को संबंधित भवन को सील करने का कानूनी अधिकार दिया जाएगा।
  • जल स्रोतों का उपयोग: आपात स्थिति में टीम को किसी भी जल स्रोत और जल संचय स्थल से पानी लेने का अधिकार होगा।
  • समय-सीमा तय: घटना स्थल पर पहुंचने के लिए एक निश्चित समय-सीमा (Time-limit) निर्धारित की जाएगी ताकि राहत कार्य तेजी से हो सके।
  • नया डायरेक्ट्रेट: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक अलग डायरेक्ट्रेट (निदेशालय) बनाने का भी प्रस्ताव है।


2. यूसीसी (UCC) और निजी विश्वविद्यालय: सामाजिक और शैक्षणिक सुधार

  • समान नागरिक संहिता (UCC): मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में समान कानून लागू करना है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रस्तावित कानून में:
    • विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण (Registration) अनिवार्य करना।
    • बहुविवाह पर पूरी तरह रोक लगाना।
    • पैतृक संपत्ति में बेटियों को समान अधिकार देना शामिल है।
  • निजी विश्वविद्यालय संहिता में संशोधन: शिक्षा के क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इसके तहत:
    • जमीन की सीमा में छूट और हाईराइज कैंपस की अनुमति दी जा सकती है।
    • विदेशी विश्वविद्यालयों को अपनी खुद की मुद्रा (Foreign Currency) में फीस लेने का प्रावधान भी किया जा सकता है।


3. अवैध कॉलोनियों और निजी कोचिंग संस्थानों पर कसेगा शिकंजा

  • अवैध कॉलोनी संशोधन विधेयक: अनाधिकृत कॉलोनियां विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ सरकार बेहद सख्त रुख अपनाने जा रही है।
    • दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा और 5 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है।
    • इस मामले में पुलिस से लेकर पार्षद तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी और 15 दिन के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था होगी।
  • निजी कोचिंग रेगुलेट्री 2025: सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए भारत सरकार के नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा, बैठने की उचित व्यवस्था, पार्किंग और फीस वापसी (Fee Refund) जैसे कड़े नियम लागू किए जाएंगे।


4. मानसून सत्र में पेश होने वाले अन्य संभावित विधेयक

इन प्रमुख बदलावों के अलावा, विधानसभा में चर्चा के लिए निम्नलिखित विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं:

  • मध्य प्रदेश विनियोग विधेयक, 2026
  • मध्य प्रदेश उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026
  • मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक, 2026
  • मध्य प्रदेश नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2026
  • मध्य प्रदेश श्रम संहिता, 2026
  • मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026