महाराजपुर, शिवम चौरसिया। नगर में शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय ने इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का मातमी पर्व श्रद्धा एवं अकीदत के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत मस्जिद में नमाज अदा कर की गई। इसके बाद नगर के विभिन्न मोहल्लों से ताजिया जुलूस निकाला गया, जो जिम्मेदारी मोहल्ला, शक्ति मुहाल, पुराना बाजार, थाना मस्जिद सहित प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा।
जुलूस के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुष्पवर्षा कर ताजियों का स्वागत किया। जगह-जगह शरबत, जलेबी, समोसा, फल एवं अन्य खाद्य सामग्री का लंगर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की गई। पूरे आयोजन में आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, मोहर्रम का पर्व इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में हुई शहादत की याद में मनाया जाता है। मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि एक ताजिया तैयार करने में लगभग एक माह का समय लगता है। इस वर्ष महाराजपुर में एक दर्जन से अधिक ताजिए शक्ति मुहाल स्थित बड़े ताजिया स्थल पर एकत्रित हुए, जहां विशेष फातिहा पढ़ी गई और अमन-चैन की दुआ मांगी गई।
इसके बाद मातमी जुलूस ढोल की थाप के साथ नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ पुराने थाना मस्जिद पहुंचा। जुलूस में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। अंत में "कर्बला दूर है, जाना जरूर है" के नारों के साथ ताजियों को कर्बला में ठंडा किया गया और मातमी पर्व का समापन हुआ।

