उमरिया, तपस गुप्ता । जिले के बिरसिंहपुर पाली में बुधवार को आयोजित जनकल्याण शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद शिविर में नहीं पहुंचे। मंत्री के आगमन की सूचना के चलते बड़ी संख्या में लोग दोपहर से ही शिविर स्थल पर एकत्रित रहे, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी उनका इंतजार खत्म नहीं हुआ।
पाली नगर पालिका क्षेत्र स्थित गायत्री मंदिर के सामने आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे और हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद-बीज सहित कई योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मंत्री को दोपहर 12:30 बजे शिविर में शामिल होना था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंत्री का काफिला अंबेडकर चौक से होकर गुजरा, जो शिविर स्थल के काफी नजदीक है, लेकिन वे शिविर में शामिल हुए बिना उमरिया के लिए रवाना हो गए। इससे लोगों में नाराजगी और निराशा देखी गई। कई लोग अपनी समस्याएं और मांगें प्रभारी मंत्री के समक्ष रखने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।
कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी मंत्री के आगमन की प्रतीक्षा करते रहे। उनका कहना था कि वे नगर पालिका द्वारा बनाए जा रहे नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायत मंत्री को सौंपना चाहते थे। मंत्री के नहीं पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन देकर मामले की जांच की मांग की।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा और यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी ने कहा कि यदि मंत्री कार्यक्रम में शामिल नहीं होने वाले थे तो जनता को लंबे समय तक इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए था। उन्होंने इसे आम लोगों की अपेक्षाओं की अनदेखी बताया।
हालांकि मंत्री की अनुपस्थिति के बावजूद शिविर की गतिविधियां जारी रहीं। कलेक्टर राखी सहाय ने शिविर पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया, लोगों की समस्याएं सुनीं और हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ वितरित किया। प्रभारी मंत्री के नहीं पहुंचने को लेकर दिनभर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर चलता रहा।

