माघ मेला प्रयागराज : आस्था, सेवा और सनातन परंपरा का विराट संगम

Magh Mela
Advertisement
प्रयागराज में पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा स्थापित शिविर का प्रारंभ
प्रयागराज। सनातन संस्कृति, तपस्या और सेवा का प्रतीक माघ मेला–2026 एक बार फिर त्रिवेणी संगम की पावन धरा पर श्रद्धा का महासागर लेकर उपस्थित है। इस क्रम में पं. गणेश प्रसाद मिश्र एवं श्रीमती शांति मिश्र की पुण्य स्मृति में पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा राम घाट के समीप, सेक्टर-2, दक्षिण पटरी, त्रिवेणी मार्ग, माघ मेला परिसर में भव्य सेवा शिविर स्थापित किया गया है। पौष पूर्णिमा के अवसर पर 03 जनवरी 2025 (शनिवार) को पं. राहुल कृष्ण शास्त्री जी कथा प्रवक्ता (वृंदावन) ने विधि विधान के साथ संकल्प कराया।
आधात्मिक केंद्र बन चुका है सेवा न्यास का शिविर
महान समाजसेवी व शिक्षाविद पं. गणेश प्रसाद मिश्र एवं श्रीमती शांति मिश्र की पुण्य स्मृति में पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा भव्य सेवा शिविर राम घाट के समीप, सेक्टर-2, दक्षिण पटरी, त्रिवेणी मार्ग, माघ मेला परिसर में स्थापित किया गया है। यह शिविर विगत नौ वर्षों से निरंतर श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सेवा करते हुए माघ मेला की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है। इस शिविर में प्रतिवर्ष देश के सभी राज्यों एवं विदेशों से आनेवाले श्रद्धालु ठहरते हैं।
आध्यात्मिक ऊर्जा का होता है संचार
पौष पूर्णिमा से माघ शुक्ल पूर्णिमा तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु संगम स्नान, कल्पवास, दान और साधना के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। माघ मेला केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और भारतीय संस्कृति का जीवंत उत्सव भी है।
सेवा कार्यों का होगा आयोजन
सेवा न्यास द्वारा पूर्व वर्षों में आयोजित शिविरों में हजारों श्रद्धालुओं हेतु निःशुल्क आवास एवं भोजन, चौबीसों घंटे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर, निःशुल्क दवाइयों का वितरण, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, ठंड से बचाव हेतु कंबल वितरण, स्वच्छता एवं जल संरक्षण, महिला जागरूकता तथा सांस्कृतिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किए गए, जिनकी साधु-संतों, प्रशासन और श्रद्धालुओं द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।
यह रहेगा कार्यक्रम आयोजन का क्रम
माघ मेला–2026 के दौरान शिविर में 04 जनवरी से 01 फरवरी तक माघ महात्म्य कथा, 05 से 09 जनवरी तक श्री राम यज्ञ एवं श्री राम कथा, 16 से 22 जनवरी तक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा तथा 26 से 30 जनवरी तक श्री भक्तमाल कथा का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी धार्मिक आयोजनों के प्रवक्ता श्री पं. राहुल कृष्ण महाराज जी (वृंदावन) रहेंगे। माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्व: 03 जनवरी (पौष पूर्णिमा), 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 18 जनवरी (मौनी अमावस्या), 23 जनवरी (वसंत पंचमी), 25 जनवरी (अचला सप्तमी) एवं 01 फरवरी (माघी पूर्णिमा) पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रहने की संभावना है। मेला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पेयजल की व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं।
संयम और साधना का महापर्व है माघ मेला : डॉ. राकेश मिश्र
सेवा न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि माघ मेला आत्मशुद्धि के साथ-साथ सेवा, संयम और साधना का महापर्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से परिवार सहित माघ मेला में पधारकर संगम स्नान, कल्पवास एवं सेवा कार्यों में सहभागिता करने का आह्वान किया। शिविर की समस्त व्यवस्थाओं का संचालन एवं समन्वय वरिष्ठ समाजसेवी पं. श्री घनश्याम पांडे जी(बडामलहरा ), पं. धर्मेन्द्र दुबे जी (रूरावन सागर)एवं पं. श्री रमेश कुमार ओझा जी द्वारा किया जा रहा है, जिनके नेतृत्व में आवास, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा रही हैं।
