छतरपुर/बमीठा। छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रनगुवां गांव में आज एक बेहद सनसनीखेज और खूनी वारदात सामने आई है। यहाँ एक सड़क निर्माण कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर हुआ आपसी विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस हिंसक झड़प के दौरान एक एलएनटी (LNT) मशीन ऑपरेटर की लोहे की भारी रॉड से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस अचानक हुई वारदात से निर्माण स्थल सहित पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए खजुराहो एसडीओपी (SDOP) मनमोहन सिंह बघेल और बमीठा थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, रनगुवां गांव के पास क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य कर रही जीआरटीसी (GRTC) कंपनी के कैंप में यह पूरी वारदात घटित हुई। यहाँ कंपनी के ही एलएनटी मशीन ऑपरेटरों के बीच किसी पुरानी या तात्कालिक बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि तैश में आकर कुछ कर्मचारियों ने लोहे की रॉड से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी मशीन ऑपरेटर विजय रावत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में विजय रावत लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। निर्माण स्थल पर मौजूद अन्य सहकर्मियों द्वारा आनन-फानन में उन्हें अत्यंत गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल छतरपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है। घटनास्थल पर पहुंचे खजुराहो एसडीओपी मनमोहन बघेल और थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने निर्माण कंपनी के अन्य कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का आपराधिक मामला दर्ज किया जा रहा है और वारदात को अंजाम देकर फरार हुए संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। फिलहाल, एहतियात के तौर पर निर्माण कंपनी के कैंप और घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पुलिस जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का दावा कर रही है।




