कटनी| मध्य प्रदेश में रेल यात्रियों की सुरक्षा के दावों की पोल खोलती हुई एक बेहद गंभीर वारदात सामने आई है। कटनी रेलवे स्टेशन से रवाना होने के कुछ ही मिनटों बाद रीवा-भोपाल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 22146) के आरक्षित कोच में एक नकाबपोश बदमाश ने सोते हुए महिला यात्री के सिर के नीचे से पर्स झपट लिया और चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। लूटे गए पर्स में करीब 4 तोले सोने के आभूषण, नकदी, कीमती मोबाइल और आवश्यक दस्तावेज थे, जिनकी कुल कीमत करीब 10 लाख रुपए आंकी जा रही है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद ट्रेन के भीतर हड़कंप मच गया और यात्रियों में सुरक्षा को लेकर भारी दहशत व्याप्त है।


सिरहाने रखा पर्स पलक झपकते ही गायब, आउटर पर वारदात

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीवा निवासी रामदत्त पाठक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गुरुवार रात रीवा-भोपाल एक्सप्रेस के कोच नंबर एस-5 (S-5) में यात्रा कर रहे थे। रात के समय जब ट्रेन कटनी स्टेशन से छूटकर आउटर क्षेत्र में पहुंची, तभी एक अज्ञात नकाबपोश युवक बोगी में दाखिल हुआ। उस समय रामदत्त पाठक की पत्नी अपनी बर्थ पर सिर के नीचे पर्स रखकर सो रही थीं। बदमाश ने बेहद शातिर तरीके से सिरहाने रखा पर्स झपटा। महिला की आंख खुली और उन्होंने शोर मचाया, लेकिन जब तक सह-यात्री कुछ समझ पाते, शातिर बदमाश चलती ट्रेन से छलांग लगाकर पटरी के किनारे फैले अंधेरे का फायदा उठाते हुए रफूचक्कर हो गया।


यात्रियों ने की चेन पुलिंग, पर्स में था लाखों का माल

लूट का विवरण: पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरी गए पर्स में तीन तोले का सोने का हार, एक तोले का मंगलसूत्र, सोने की अंगूठी, कान की बालियां, एक कीमती स्मार्टफोन और 15 हजार रुपए नगद रखे हुए थे। बदमाश को पकड़ने के लिए बोगी में मौजूद सजग यात्रियों ने तुरंत ट्रेन की चेन पुलिंग (Chain Pulling) कर गाड़ी को रोका, लेकिन तब तक आरोपी काफी दूर निकल चुका था। ट्रेन के जबलपुर स्टेशन पहुंचने पर पीड़ित परिवार ने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।


जबलपुर में 'शून्य' पर मामला दर्ज, कटनी जीआरपी को ट्रांसफर

ट्रेन के जबलपुर पहुंचने पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित की शिकायत पर शून्य पर मामला दर्ज किया। चूंकि घटनास्थल कटनी आउटर है, इसलिए मामले की केस डायरी आगामी जांच के लिए कटनी जीआरपी को स्थानांतरित कर दी गई है।


सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस: पुलिस की टीमें कटनी स्टेशन और आउटर के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह किसी पेशेवर और सक्रिय झपटमार गिरोह का काम है जो आउटर पर ट्रेन धीमी होने का फायदा उठाकर आरक्षित कोचों को निशाना बनाता है।


'आरक्षित कोचों में भी सुरक्षित नहीं यात्री'— सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल

इस वारदात के बाद से रेल यात्रियों में रेलवे प्रशासन और आरपीएफ/जीआरपी के खिलाफ भारी आक्रोश है। यात्रियों का कहना है कि यदि टिकट बुक कराकर आरक्षित बोगियों में सफर करने वाले परिवार भी सुरक्षित नहीं हैं और सोते समय सिरहाने से सामान लूटा जा रहा है, तो रेलवे के सुरक्षा दावे खोखले हैं। रात के समय ट्रेनों में सुरक्षा स्क्वॉड की गश्त न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।


इनका कहना है:

"रीवा-भोपाल एक्सप्रेस (सुपरफास्ट) में महिला यात्री का पर्स छीनने की गंभीर शिकायत मिली है। जबलपुर थाने में प्राथमिक शिकायत दर्ज कर डायरी तुरंत कटनी जीआरपी को सौंप दी गई है। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।"

— संजीवनी राजपूत, थाना प्रभारी, जीआरपी जबलपुर