टोक्यो। जापान के कृषि मंत्रालय ने होक्काइडो के एक पोल्ट्री फार्म में एवियन इन्फ्लूएंजा के फैलने की पुष्टि की है। यह उत्तरी इलाके का चौथा मामला है और इस मौसम में देश का 21वां मामला है।
जापान के कृषि, वन और मत्स्य मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि प्रभावित फार्म अबिरा शहर में स्थित है और इसमें लगभग 1,90,000 मुर्गियाँ पाली जाती हैं।
स्थानीय अधिकारियों को फार्म द्वारा बुधवार को सूचित किया गया था। उसी दिन किए गए त्वरित एवियन इन्फ्लुएंजा टेस्ट में पॉजिटिव परिणाम आया, जिसे अगले दिन जेनेटिक टेस्ट द्वारा पुष्टि की गई। वायरस के आगे फैलाव को रोकने के लिए फार्म की सभी मुर्गियों को संपूर्ण रूप से नष्ट, दहन और दफन किया जाएगा।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक जापान में एवियन इन्फ्लुएंजा का मौसम सामान्यतः शरद ऋतु से अगले वसंत तक चलता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस का एक उपप्रकार है, जो पक्षियों और स्तनधारियों को संक्रमित करता है, और मानव में दुर्लभ मामलों में संक्रमण हो सकता है।
एच 5 एन1 वायरस की गूंज पहली बार 1996 में उभरी थी और तब से पक्षियों में इसके प्रकोप होते रहे हैं। 2020 से एच5 क्लेड का एक वेरिएंट अफ्रीका, एशिया और यूरोप के कई देशों में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में अभूतपूर्व मौतों का कारण बना। 2021 में यह वायरस उत्तर अमेरिका में और 2022 में मध्य और दक्षिण अमेरिका में फैल गया।
मानव में संक्रमण गंभीर रोग और उच्च मृत्यु दर का कारण बन सकता है। अब तक पाए गए मानव मामले मुख्यतः संक्रमित पक्षियों या अन्य जानवरों के निकट संपर्क और संक्रमित वातावरण से जुड़े हैं। यह वायरस आसान मानव-से-मानव संचरण नहीं करता और लगातार मानव-से-मानव संक्रमण की रिपोर्ट नहीं मिली है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि भले ही मानव मामले दुर्लभ हों, लेकिन उच्च मृत्यु दर (2003 के बाद दर्ज मामलों में 50 प्रतिशत से अधिक) इसे गंभीर चिंता का विषय बनाती है।

