भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल में इस बार ईद से पहले एक अनोखी पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। हिंदू उत्सव समिति ने मुस्लिम समाज से “इको फ्रेंडली ईद” मनाने की अपील की है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी पिछले तीन वर्षों से मिट्टी से बने इको फ्रेंडली बकरे तैयार करवा रहे हैं। इन बकरों की कीमत करीब एक हजार रुपए रखी गई है। समिति का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति दया का संदेश देना है।
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि जिस तरह देशभर में इको फ्रेंडली दिवाली, होली और गणेश उत्सव जैसे अभियान चलाए जाते हैं, उसी तरह ईद को भी पर्यावरण के प्रति संवेदनशील तरीके से मनाने पर विचार होना चाहिए। उनका कहना है कि कुर्बानी के बाद सफाई में हजारों गैलन पानी खर्च होता है और कई स्थानों पर खाल व अन्य अवशेष खुले में पड़े रहने से गंदगी फैलती है, जिससे आसपास का वातावरण प्रभावित होता है। धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों के पास स्वच्छता बनाए रखना भी चुनौती बन जाता है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म या धार्मिक परंपरा की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जीवों के प्रति करुणा का संदेश देना है। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि “कण-कण में भगवान हैं”, इसलिए सभी जीवों के प्रति संवेदनशीलता और दया का भाव रखना जरूरी है।
भोपाल में यह पहल अब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि हिंदू उत्सव समिति की इस अपील का लोगों पर कितना असर पड़ता है और क्या इस बार इको फ्रेंडली ईद को लेकर कोई नई शुरुआत देखने को मिलती है।

