सागर, जीशान खान। बुंदेलखंड के सागर शहर में अपराध और कट्टेबाजी का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला मोतीनगर थाना क्षेत्र स्थित विवेकानंद वार्ड के गयादीन तिराहा से सामने आया है, जहाँ पुरानी रंजिश और इलाके में वर्चस्व कायम करने की होड़ में 25 वर्षीय युवक मयंक साहू की सरेआम गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस दुस्साहसिक हत्याकांड के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। घटना से आक्रोशित परिजन शुक्रवार को मृतक की अर्थी लेकर सीधे मोतीनगर थाने पहुंच गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर भारी हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, मृतक मयंक साहू और मुख्य आरोपी यश सोनी एक ही गली के रहने वाले हैं और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार रात गयादीन तिराहा पर मयंक साहू का यश सोनी और उसके साथियों से किसी बात को लेकर सामना हुआ, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इसी बीच आरोपी यश सोनी ने 315 बोर का देशी कट्टा निकाला और मयंक पर बेहद करीब से फायर कर दिया। गोली मयंक के चेहरे पर नाक के पास लगी और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात के दौरान मयंक के छोटे भाई पर भी धारदार हथियार से हमला किया गया, हालांकि उसकी हालत सामान्य है। गोलीबारी की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल मयंक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद मयंक का शव जैसे ही घर पहुंचा, परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की मांग को लेकर परिजन मयंक की अर्थी उठाकर सीधे मोतीनगर थाने के बाहर पहुंच गए। देखते ही देखते वहाँ सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल को बिगड़ता और तनावपूर्ण होता देख थाना परिसर में तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी और भरोसा दिलाया कि पुलिस रात भर से दबिश दे रही है और अब तक मुख्य आरोपियों सहित 5 लोगों को राउंडअप (हिरासत में) किया जा चुका है। पुलिस के पुख्ता आश्वासन के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर राजी हुए।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक मयंक और आरोपी यश सोनी पहले कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन बाद में वर्चस्व की लड़ाई में दोनों एक-दूसरे के कड़े दुश्मन बन गए। मुख्य आरोपी यश सोनी के खिलाफ पहले से ही अड़ीबाजी, मारपीट और लूटपाट जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इस हत्याकांड के पीछे एक साल पुराने 'गैंगवार' के एंगल को भी खंगाल रही है। दरअसल, करीब एक साल पहले होली के दौरान गणेश घाट पर यश सोनी के भाई जय सोनी की भी हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि कहीं इस वारदात के तार उस पुरानी हत्या के प्रतिशोध से तो नहीं जुड़े हैं।
इस वारदात के बाद सागर शहर में कानून-व्यवस्था, अवैध हथियारों की तस्करी और गली-गली बिक रही अवैध शराब को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि मोहल्लों में खुलेआम बिकने वाली अवैध शराब ही इन बड़े अपराधों की मुख्य जड़ बन रही है। सागर में पिछले कुछ महीनों में हत्या, फायरिंग, गैंगवार और कट्टेबाजी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जहाँ युवाओं द्वारा गैंग बनाकर दबदबा कायम करने की कोशिशें की जा रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि इस पूरे हत्याकांड में कुल छह लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है जिनसे कड़ी पूछताछ जारी है, जबकि शेष फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।



