भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में एक बेहद दर्दनाक और अजब वाकया सामने आया है। विदिशा जिले के नटेरन थाना अंतर्गत इकोदिया गांव का निवासी 24 वर्षीय कमल सिंह, पिता बलराम सिंह, रेबीज के गंभीर संक्रमण से जूझ रहा था। एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमण इस कदर बढ़ चुका था कि युवक पागलों की तरह भौंकने और गुर्राने लगा था। शुक्रवार देर रात मानसिक व्याकुलता और बीमारी के दर्द से परेशान होकर युवक ने मेडिकल वार्ड की पहली मंजिल की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी।


जमीन पर गिरने के कारण युवक के दोनों हाथ और पैर बुरी तरह टूट गए थे, जिसके बाद उसे तुरंत दोबारा भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच और बागसेवनिया थाना पुलिस के अनुसार, यह पूरी त्रासदी मार्च महीने में शुरू हुई थी। बीते 5 मार्च को गांव में ही एक आवारा कुत्ते ने कमल के दाहिने हाथ पर काट लिया था, जिससे थोड़ा खून भी निकला था।


परिजनों और डॉक्टरों के मुताबिक, कुत्ते के काटने के बाद युवक ने उचित डॉक्टरी इलाज और रेबीज का टीका नहीं लगवाया था। समय पर इलाज न मिलने के कारण संक्रमण शरीर में फैल गया और उसकी स्थिति बेकाबू हो गई। एम्स प्रबंधन का कहना है कि रेबीज का संक्रमण दिमाग तक पहुँचने के बाद मरीज का व्यवहार हिंसक और असामान्य हो जाता है, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस घटना ने एक बार फिर पशुओं के काटने पर तत्काल सही उपचार और टीकाकरण की महत्ता को रेखांकित किया है।