मैड्रिड। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने मंगलवार (स्थानीय समय) को स्यूटा दौरे के दौरान कहा है कि जुलाई के आखिर में स्पेन के उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले सभी प्रवासियों को वापस मोरक्को भेजा जाएगा। स्पेन सरकार के अनुमान के मुताबिक, जुलाई के अंत में पड़ोसी देश मोरक्को से 70,000 से अधिक लोग अवैध रूप से सीमा पार कर इस क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे।
स्यूटा के राष्ट्रपति जुआन जीसस विवास ने पिछले गुरुवार को यूरोपीय संसद की नागरिक स्वतंत्रता, न्याय और गृह मामलों की समिति की एक विशेष बैठक में बताया था कि इस बड़े पैमाने पर हुए प्रवासी प्रवेश के दौरान करीब 100 लोगों की मौत हो गई।
विवास ने हाल ही में कहा था कि स्यूटा में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले ज्यादातर लोग स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं, लेकिन लगभग दस हजार लोग अब भी वहां मौजूद हैं।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री अल्बारेस ने कहा कि कुछ प्रवासी ऑनलाइन फैलाई गई गलत जानकारी के प्रभाव में आ गए थे। उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि स्यूटा में प्रवेश करने के बाद उन्हें स्पेन के मुख्य भूभाग या यूरोप के अन्य हिस्सों में जाने का अधिकार मिल जाएगा।
उन्होंने बताया कि शहर से कोई भी व्यक्ति स्पेन के मुख्य भूभाग में नहीं गया है। अल्बारेस ने कहा कि मोरक्को के साथ हम जो राजनयिक प्रयास कर रहे हैं, उनका उद्देश्य अनियमित तरीके से प्रवेश करने वाले सभी लोगों को वापस भेजना है।
इस बीच, 15 अगस्त को एक और बड़े पैमाने पर सीमा पार करने की संभावित योजना से जुड़ी ऑनलाइन रिपोर्टों के बाद स्पेनिश अधिकारियों ने स्यूटा में तैनात सैन्य कर्मियों और सिविल गार्ड के सभी अवकाश रद्द कर दिए हैं।
इससे पहले, विवास ने यूरोपीय संसद की उसी विशेष बैठक में बताया था कि स्पेन के उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में बड़े पैमाने पर सीमा पार करने की घटना के दौरान लगभग 100 लोगों की मौत हुई थी।
उन्होंने कहा कि करीब 80,000 लोग स्यूटा में दाखिल हुए थे, जिनमें से लगभग 75,000 बाद में स्वेच्छा से लौट गए।
विवास के अनुसार, अभी भी 3,000 से 5,000 प्रवासी स्यूटा में मौजूद हैं। इससे वहां के स्वागत केंद्रों पर भारी दबाव पड़ गया है और गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, प्रवासियों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने और यूरोपीय संघ की एजेंसियों से ज्यादा सहयोग देने की मांग की।




